Mumbai के शिवाजी पार्क में उमड़ा युवाओं का सैलाब, धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद मनाया जश्न
Maharashtra: मुंबई के शिवाजी पार्क में रविवार को कॉलेज छात्रों और युवाओं की भारी भीड़ जुटी। यह भीड़ केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे का जश्न मनाने आई थी। NEET पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के खिल
Maharashtra: मुंबई के शिवाजी पार्क में रविवार को कॉलेज छात्रों और युवाओं की भारी भीड़ जुटी। यह भीड़ केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan के इस्तीफे का जश्न मनाने आई थी। NEET पेपर लीक और परीक्षा में गड़बड़ियों के खिलाफ Cockroach Janta Party (CJP) ने 36 दिनों तक आंदोलन किया था, जिसके बाद प्रधान ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री Dharmendra Pradhan ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को अपना इस्तीफा सौंपा था, जिसे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वीकार कर लिया। अब शिक्षा मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार केंद्रीय मंत्री Pralhad Joshi को दिया गया है। प्रधान ने X पर एक खुला पत्र लिखकर कहा कि पिछले 10 दिनों की घटनाओं से वह दुखी थे और उन्होंने यह कदम उठाया ताकि देश विरोधी ताकतें स्थिति का फायदा न उठा सकें। उन्होंने यह भी बताया कि भविष्य में धोखाधड़ी रोकने के लिए सरकार कंप्यूटर आधारित परीक्षा मॉडल अपनाएगी।
शिवाजी पार्क में आयोजित इस रैली में उद्धव ठाकरे और राज ठाकरे दोनों ने युवाओं को संबोधित किया। हल्की बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में छात्र वहां पहुंचे। उद्धव ठाकरे ने कहा कि युवाओं ने भारत के इतिहास में एक सुनहरा अध्याय लिखा है, वहीं राज ठाकरे ने कहा कि छात्रों ने सरकार को जमीन पर वापस लाया है। इस दौरान दोनों नेताओं ने उन NEET छात्रों को श्रद्धांजलि भी दी जिन्होंने आत्महत्या की थी।
CJP के संस्थापक Abhijeet Dipke ने इस इस्तीफे को देश के युवाओं की बड़ी जीत बताया। आंदोलन खत्म करने के साथ ही CJP ने कहा कि उनकी सभी मांगें मान ली गई हैं, जिनमें प्रदर्शनकारियों पर कोई जवाबी कार्रवाई न करना और प्रभावित परिवारों को मुआवजा देना शामिल है।
सरकार की ओर से भाजपा के बी.एल. संतोष ने कहा कि यह इस्तीफा व्यापक सामाजिक हितों को ध्यान में रखकर लिया गया। गृह मंत्री Amit Shah ने धर्मेंद्र प्रधान के कार्यकाल की तारीफ की और कहा कि भाजपा के लिए देश और छात्र सबसे ऊपर हैं। जेडीएस नेता एच.डी. कुमारस्वामी ने भी इसे छात्रों के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता बताया। इस पूरे घटनाक्रम के बाद दिल्ली मेट्रो की सेवाएं भी सामान्य हो गई हैं, जो सुरक्षा कारणों से प्रभावित थीं।