Mumbai में शिव सेना नेता Sachin Ahir के घर चोरी, 2.6 करोड़ के गहने उड़ाने वाले 3 और नौकर गिरफ्तार
Maharashtra: मुंबई के Worli Sea Face इलाके में रहने वाले शिव सेना के डिप्टी स्पीकर Sachin Ahir के घर से करोड़ों की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। सिटी क्राइम ब्रांच ने इस मामले में तीन और नौकरों को गिरफ
Maharashtra: मुंबई के Worli Sea Face इलाके में रहने वाले शिव सेना के डिप्टी स्पीकर Sachin Ahir के घर से करोड़ों की चोरी के मामले में पुलिस को बड़ी कामयाबी मिली है। सिटी क्राइम ब्रांच ने इस मामले में तीन और नौकरों को गिरफ्तार किया है। इन लोगों पर सोने, हीरे के गहनों और चांदी के सामान समेत करीब 2.6 करोड़ रुपये की valuables चुराने का आरोप है।
पुलिस ने शनिवार, 25 जुलाई 2026 को सतीशकुमार मिस्त्री (26), अमित यादव (26) और सूरज गौतम (21) को पकड़ा। इससे पहले शुक्रवार को प्रवीण सोलंकी नाम के एक घरेलू सहायक को गिरफ्तार किया गया था, जो करीब 24 साल से परिवार के साथ काम कर रहा था। कोर्ट ने इन तीनों नए आरोपियों को 1 अगस्त 2026 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
यह पूरी चोरी पिछले तीन सालों के दौरान धीरे-धीरे की गई। इस बात का शक तब हुआ जब 13 अक्टूबर 2025 को अहिर के घर में शॉर्ट सर्किट की वजह से आग लगी थी। शुरुआत में परिवार को लगा कि गहने आग में जल गए होंगे, लेकिन जब CCTV फुटेज की जांच की गई तो पता चला कि फुटेज गायब है। इसके बाद सचिन अहिर के बेटे Krishna Ahir ने Worli पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद केस क्राइम ब्रांच यूनिट 3 को सौंप दिया गया।
जांच के दौरान पुलिस को चौंकाने वाली बातें पता चलीं। सतीश और अमित की सैलरी करीब 18,000 रुपये थी, लेकिन उन्होंने अपने गृह राज्य Jharkhand में नया घर, जमीन, एक टेम्पो और कार खरीद ली थी। उन्होंने अपने रिश्तेदारों को भी बड़ी रकम भेजी थी। एक मुखबिर की सूचना और तस्वीरों के जरिए इस बात का खुलासा हुआ। इन नौकरों को घर की दिनचर्या और गहनों के रखे जाने वाली जगह की पूरी जानकारी थी और वे CCTV सिस्टम को भी संभालते थे।
पुलिस ने प्रवीण सोलंकी से 100 ग्राम का सोने का बिस्किट (कीमत 15 लाख रुपये) और एक सोने का इनगट (कीमत 29.7 लाख रुपये) बरामद किया है। अब पुलिस इस बात पर कानूनी राय ले रही है कि जिस सुनार ने सोलंकी से चोरी का सोना खरीदा, उसे गवाह माना जाए या चोरी का माल खरीदने के आरोप में केस दर्ज किया जाए। वहीं, आरोपियों के वकीलों उमेश कुमार और निराली शर्मा ने कोर्ट में कहा कि उनके मुवक्किलों को झूठा फंसाया गया है और उनके पास से कुछ बरामद नहीं हुआ है।