Maharashtra: मुंबई के सरकारी अस्पतालों में खून की कमी और व्यवस्थाओं को लेकर बड़ी खबर आई है। Shatabdi Hospital में पिछले तीन सालों में ब्लड कलेक्शन में 43% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दूसरी ओर, नवजात बच्चों को खून
Maharashtra: मुंबई के सरकारी अस्पतालों में खून की कमी और व्यवस्थाओं को लेकर बड़ी खबर आई है। Shatabdi Hospital में पिछले तीन सालों में ब्लड कलेक्शन में 43% की भारी गिरावट दर्ज की गई है। वहीं दूसरी ओर, नवजात बच्चों को खून देने में लापरवाही के आरोपों के बाद Maharashtra State Blood Transfusion Council (SBTC) ने KEM Hospital को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है।
Shatabdi Hospital में क्यों कम हुआ खून का कलेक्शन?
Shatabdi Hospital में खून जमा करने की दर लगातार गिर रही है। साल 2022-23 में यहाँ 1,746 यूनिट खून जमा हुआ था, जो 2024-25 तक गिरकर सिर्फ 697 यूनिट रह गया। अस्पताल के सूत्रों का कहना है कि ब्लड बैंक सिर्फ सुबह 10 से शाम 5 बजे तक खुलता है और रविवार व छुट्टियों में बंद रहता है। स्टाफ और मशीनों के रखरखाव की कमी के कारण अब निजी ब्लड बैंकों पर निर्भरता बढ़ गई है।
KEM Hospital को नोटिस क्यों मिला और क्या है मामला?
हेल्थ एक्टिविस्ट Chetan Kothari ने Aaple Sarkar पोर्टल के जरिए शिकायत की थी कि KEM Hospital में नवजात बच्चों के लिए जरूरी फ्रेश ब्लड समय पर नहीं मिल पा रहा है। इस शिकायत के बाद SBTC ने 6 जून 2026 को अस्पताल को नोटिस भेजा है। अस्पताल प्रशासन को सात दिनों के भीतर इस मामले पर अपनी तथ्यात्मक रिपोर्ट और विस्तृत स्पष्टीकरण जमा करना होगा। इससे पहले भी मई और नवंबर में इस संबंध में पत्र भेजे गए थे।
क्या आने वाले समय में स्थिति सुधरेगी?
स्वास्थ्य विभाग और विशेषज्ञों का मानना है कि आने वाले दिनों में खून की कमी दूर हो सकती है। जैसे ही शिक्षण संस्थान दोबारा खुलेंगे, कॉलेजों और स्कूलों में ब्लड डोनेशन कैंप फिर से शुरू होंगे, जिससे ब्लड बैंकों में स्टॉक बढ़ जाएगा। फिलहाल प्रशासन का ध्यान सरकारी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को सुधारने पर है ताकि मरीजों को परेशानी न हो।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Shatabdi Hospital में ब्लड कलेक्शन कितना गिरा है?
पिछले तीन सालों में यहाँ ब्लड कलेक्शन में 43% की गिरावट आई है। 2022-23 में यह 1,746 यूनिट था, जो 2024-25 में घटकर 697 यूनिट रह गया।
KEM Hospital को SBTC ने नोटिस क्यों दिया?
नवजात बच्चों के लिए फ्रेश ब्लड की उपलब्धता में कमी और देरी की शिकायतों के बाद SBTC ने नोटिस दिया है, जिसका जवाब अस्पताल को 7 दिनों में देना है।