Maharashtra : मुंबई के फोर्ट इलाके में स्थित कोचीन स्ट्रीट पर सफाई कर्मचारियों के लिए बनने वाले आवास प्रोजेक्ट को बड़ी राहत मिली है। महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) ने इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी CRZ क्लियर
Maharashtra : मुंबई के फोर्ट इलाके में स्थित कोचीन स्ट्रीट पर सफाई कर्मचारियों के लिए बनने वाले आवास प्रोजेक्ट को बड़ी राहत मिली है। महाराष्ट्र कोस्टल जोन मैनेजमेंट अथॉरिटी (MCZMA) ने इस प्रोजेक्ट के लिए जरूरी CRZ क्लियरेंस दे दिया है। ‘आश्रय’ योजना के तहत बनने वाले इन घरों का इंतजार लंबे समय से चल रहा था, जो अब जल्द पूरा होगा।
इस प्रोजेक्ट में क्या खास है और किसे मिलेगा फायदा
यह पूरा प्रोजेक्ट 17 करोड़ रुपये की लागत से तैयार किया जाएगा। इसमें जमीन से लेकर नौ मंजिल तक की एक इमारत बनेगी, जिसमें कुल 54 फ्लैट्स होंगे। हर फ्लैट का साइज 238 स्क्वायर फीट होगा। BMC के अधिकारियों ने बताया है कि इन घरों का बंटवारा पात्र लोअर इनकम ग्रुप के सफाई कर्मचारियों के बीच लॉटरी सिस्टम के जरिए किया जाएगा। कर्मचारियों को उनकी सर्विस अवधि तक इन घरों में रहने की सुविधा मिलेगी।
क्यों रुका था काम और अब क्या है स्थिति
इस प्रोजेक्ट का काम पिछले 18 महीनों से अटका हुआ था। मुख्य वजह CRZ क्लियरेंस का न मिलना और मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) के साथ लीज की औपचारिकताएं पूरी न होना था। अक्टूबर 2024 में इसका groundbreaking प्रोग्राम हुआ था, जिसके बाद 2 फरवरी 2026 को MbPA ने अपनी मंजूरी दी। इसके बाद 5 मई 2026 को BMC ने आवेदन किया और आखिरकार 24 मई 2026 को MCZMA ने अंतिम मंजूरी दे दी।
प्रोजेक्ट से जुड़ी जरूरी नियम और शर्तें
यह जमीन कोस्टल रेगुलेशन जोन (CRZ-II) के दायरे में आती है, इसलिए यहाँ निर्माण के लिए कड़े नियमों का पालन करना जरूरी था। MCZMA ने साफ किया है कि जमीन के इस्तेमाल में कोई बदलाव नहीं किया गया है और FSI नियमों के मुताबिक ही मंजूरी दी गई है। बीजेपी कॉर्पोरेटर Makarand Narwekar ने BMC से अपील की है कि अब बिना किसी देरी के काम पूरा किया जाए ताकि सफाई कर्मचारियों को सम्मानजनक घर मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
सफाई कर्मचारियों के लिए बनने वाले घरों की खासियत क्या है?
यह प्रोजेक्ट ‘आश्रय’ योजना के तहत बन रहा है जिसमें 9 मंजिला इमारत में 54 फ्लैट्स होंगे। हर फ्लैट 238 स्क्वायर फीट का होगा और इनका आवंटन लॉटरी सिस्टम से किया जाएगा।
प्रोजेक्ट में देरी होने का मुख्य कारण क्या था?
प्रोजेक्ट मुख्य रूप से CRZ क्लियरेंस मिलने में देरी और मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) के साथ लीज की कागजी कार्रवाई पूरी न होने की वजह से लगभग 18 महीने तक रुका रहा।