Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए अब रातें भी सुकून भरी नहीं रहीं। शहर में ‘असामान्य रूप से गर्म रातों’ की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे लोगों की नींद खराब हो रही है और सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। CEEW की र
Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए अब रातें भी सुकून भरी नहीं रहीं। शहर में ‘असामान्य रूप से गर्म रातों’ की संख्या तेजी से बढ़ी है, जिससे लोगों की नींद खराब हो रही है और सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है। CEEW की रिपोर्ट के मुताबिक, 1981-2010 के बीच साल में औसत 12 रातें गर्म होती थीं, जो अब बढ़कर 26 हो गई हैं।
गर्म रातें सेहत के लिए क्यों हैं खतरनाक?
एक्सपर्ट्स का कहना है कि जब रात में तापमान कम नहीं होता, तो शरीर को दिन भर की गर्मी से उबरने का मौका नहीं मिलता। इससे नींद पूरी नहीं होती और हीट स्ट्रोक या हीट एग्जॉशन का खतरा बढ़ जाता है। खासतौर पर बाहर कड़ी मेहनत करने वाले मजदूरों, बुजुर्गों और बच्चों के लिए यह स्थिति ज्यादा गंभीर है। डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर के मरीजों की तबीयत भी इससे और बिगड़ सकती है।
तापमान बढ़ने की मुख्य वजह क्या है?
शहर में बढ़ते कंक्रीट के जंगल और डामर की सड़कों की वजह से ‘अर्बन हीट आइलैंड’ इफेक्ट बढ़ रहा है, जो दिन की गर्मी को सोख लेता है और रात में छोड़ता है। साथ ही, समुद्र किनारे होने की वजह से हवा में नमी यानी ह्यूमिडिटी ज्यादा रहती है, जिससे पसीना नहीं सूखता और शरीर ठंडा नहीं हो पाता। ग्लोबल वार्मिंग के कारण भारत का औसत तापमान भी बढ़ा है, जिसका असर अब रात की नींद पर दिख रहा है।
IMD की चेतावनी और जरूरी सावधानियां
IMD ने मुंबई, ठाणे, पालघर और रायगढ़ के लिए ‘गर्म और उमस’ भरे मौसम का अलर्ट जारी किया है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी नागरिकों को हाइड्रेटेड रहने और दोपहर की तेज धूप से बचने की सलाह दी है। लोगों को हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने, सिर ढककर बाहर निकलने और ज्यादा मेहनत वाले काम ठंडे समय में करने की सलाह दी गई है। वहीं, शहर के कई इलाकों में बिजली कटौती ने इस समस्या को और बढ़ा दिया है, जिससे बिना पंखे और कूलर के लोगों का दम घुट रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में गर्म रातों की संख्या में कितनी बढ़ोतरी हुई है?
CEEW के विश्लेषण के अनुसार, 1981-2010 के बीच साल में औसतन 12 रातें असामान्य रूप से गर्म होती थीं, जो 2011-2024 के बीच बढ़कर 26 रातें हो गई हैं।
भविष्य में रात के तापमान को लेकर क्या अनुमान है?
CEEW का अनुमान है कि अगर ग्लोबल वार्मिंग इसी तरह बढ़ती रही, तो 2031-2050 तक मुंबई में गर्म रातों की संख्या बढ़कर साल में 48-49 तक पहुँच सकती है।