Maharashtra: मुंबई के लोग इन दिनों बढ़ती गर्मी और उमस से काफी परेशान हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में तेजी से बढ़ते कंक्रीट के निर्माण, पेड़ों की कमी और बढ़ती नमी की वजह से हीट स्ट्रेस बढ़ गया है। हालत यह है कि अब ल
Maharashtra: मुंबई के लोग इन दिनों बढ़ती गर्मी और उमस से काफी परेशान हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि शहर में तेजी से बढ़ते कंक्रीट के निर्माण, पेड़ों की कमी और बढ़ती नमी की वजह से हीट स्ट्रेस बढ़ गया है। हालत यह है कि अब लोगों को तापमान असल रीडिंग से कहीं ज्यादा महसूस हो रहा है।
मुंबई में गर्मी बढ़ने के मुख्य कारण क्या हैं?
Mid-day की रिपोर्ट और विशेषज्ञों के अनुसार, मुंबई में बढ़ती बेचैनी के पीछे कई कारण हैं। शहर में सड़कों का कंक्रीटीकरण, ऊंची इमारतों का बढ़ना और हरियाली का कम होना मुख्य वजह है। Observer Research Foundation के मुताबिक, भारतीय शहरों में कंक्रीट की सतह, डामर की सड़कें और कांच की दीवारें लगभग 60% गर्मी बढ़ाने के लिए जिम्मेदार हैं।
पर्यावरण और जमीन पर क्या असर पड़ा है?
डॉ. प्रदीप अवते ने बताया कि 1991 से 2018 के बीच मुंबई ने अपनी 81% खुली जमीन और 40% ग्रीन कवर खो दिया है। साथ ही, शहर के करीब 30% जल निकाय भी खत्म हो गए हैं। इस वजह से औसत तापमान में 2 डिग्री सेल्सियस की बढ़ोतरी देखी गई है। CEEW के विश्लेषण के अनुसार, मुंबई में ‘असामान्य रूप से गर्म रातें’ अब दोगुनी हो गई हैं, जिससे बाहर काम करने वाले मजदूरों की नींद और सेहत पर बुरा असर पड़ रहा है।
सरकार और प्रशासन क्या कदम उठा रहे हैं?
महाराष्ट्र सरकार ने राज्य के 30 शहरों के लिए ‘हीट एक्शन प्लान’ शुरू किया है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि जलवायु अनुकूलन विकास की रणनीति है। मुंबई महानगर क्षेत्र (MMR) के लिए UNEP के साथ और लो-कार्बन इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए WRI के साथ समझौते किए गए हैं। इसके अलावा, BMC ने आठ साल बाद पेड़ों की गिनती करने की योजना बनाई है ताकि शहरी वृक्षारोपण और मियावाकी जंगलों के असर का पता लगाया जा सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में गर्मी का अहसास तापमान से ज्यादा क्यों होता है?
इसे अर्बन हीट आइलैंड इफेक्ट कहते हैं। कंक्रीट की सड़कों, कांच की इमारतों और कम पेड़ों की वजह से गर्मी शहर में कैद हो जाती है, जिससे उमस बढ़ती है और तापमान ज्यादा महसूस होता है।
आने वाले समय में मुंबई की स्थिति कैसी रहेगी?
अजीम प्रेमजी यूनिवर्सिटी के अध्ययन के अनुसार, 2040 तक मुंबई और अधिक गर्म, गीला और उमस भरा शहर बन सकता है, जिससे निवासियों के लिए गर्मी झेलना और मुश्किल होगा।