Maharashtra: मुंबई में पुरानी इमारतों का Redevelopment तेजी से चल रहा है। ऐसे में घर मालिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या उन्हें अपना पुराना फ्लैट बिल्डर को बेच देना चाहिए या पूरी प्रक्रिया पूरी होने तक इंत
Maharashtra: मुंबई में पुरानी इमारतों का Redevelopment तेजी से चल रहा है। ऐसे में घर मालिकों के सामने सबसे बड़ा सवाल यह होता है कि क्या उन्हें अपना पुराना फ्लैट बिल्डर को बेच देना चाहिए या पूरी प्रक्रिया पूरी होने तक इंतजार करना चाहिए। यह फैसला उम्र, बजट और भविष्य की जरूरतों पर निर्भर करता है।
फ्लैट बेचने या इंतजार करने में क्या फायदा और नुकसान है?
कई बुजुर्ग लोग प्रोजेक्ट में होने वाली देरी और बार-बार घर बदलने की परेशानी से बचने के लिए शुरुआत में ही फ्लैट बेचकर निकल जाते हैं। दूसरी तरफ, जो लोग इंतजार करते हैं, उन्हें अक्सर पहले से बड़ा घर और आधुनिक सुविधाएं जैसे पार्किंग और बेहतर सिक्योरिटी मिलती है। आंकड़ों के मुताबिक, करीब 20-30% लोग शुरुआत में ही बाहर निकल जाते हैं, जबकि 90% लोग नए घर में वापस लौटते हैं।
सरकारी नियम और सुरक्षा के क्या इंतजाम हैं?
मुंबई में Redevelopment के लिए DCPR 2034 के तहत अब केवल 51% सदस्यों की सहमति जरूरी है। प्रोजेक्ट की सुरक्षा के लिए MahaRERA के नियम लागू हैं, जिसके तहत बिल्डर को कुल लागत का 20% बैंक गारंटी के तौर पर देना होता है ताकि काम बीच में न रुके। साथ ही, ग्राहकों से मिलने वाले पैसे का 70% हिस्सा एक अलग Escrow अकाउंट में रखना अनिवार्य है।
बिल्डर क्या ऑफर दे रहे हैं और नए नियम क्या हैं?
आजकल बिल्डर ग्राहकों को लुभाने के लिए कई तरह के फायदे दे रहे हैं। इसमें एक्स्ट्रा एरिया के साथ-साथ मॉडुलर किचन, एसी और शिफ्टिंग चार्ज जैसे लाभ शामिल हैं।
| सुविधा/मुआवजा |
अनुमानित राशि/विवरण |
| हार्डशिप कंपनसेशन |
₹4,500 प्रति वर्ग फुट |
| शिफ्टिंग चार्ज |
₹1.75 लाख प्रति सदस्य |
| मंथली रेंट |
₹1.50 लाख प्रति महीना |
| Dharavi प्रोजेक्ट फ्लैट साइज |
500 से 753 वर्ग फुट (फ्री) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
Redevelopment में घर खाली करने पर रेंट मिलता है?
हाँ, निर्माण अवधि (आमतौर पर 3-5 साल) के दौरान बिल्डर द्वारा मासिक किराया दिया जाता है।
Redevelopment के लिए कितनी सहमति जरूरी है?
DCPR 2034 के अनुसार, अब हाउसिंग सोसाइटी में कम से कम 51% सदस्यों की सहमति अनिवार्य है।