Maharashtra: मुंबई में इन दिनों पुरानी और छोटी इमारतों को गिराकर ऊंची इमारतें बनाने की होड़ मची है। शहर के शहरी ढांचे को बदलने के लिए सरकार ने पुनर्विकास यानी Redevelopment के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब हाउसिंग सो
Maharashtra: मुंबई में इन दिनों पुरानी और छोटी इमारतों को गिराकर ऊंची इमारतें बनाने की होड़ मची है। शहर के शहरी ढांचे को बदलने के लिए सरकार ने पुनर्विकास यानी Redevelopment के नियमों में बड़े बदलाव किए हैं। अब हाउसिंग सोसायटियों के लिए प्रोजेक्ट शुरू करना पहले के मुकाबले आसान हो गया है, जिससे हजारों निवासियों के रहने के तौर-तरीकों पर असर पड़ेगा।
Redevelopment के लिए अब कितने सदस्यों की सहमति जरूरी है
महाराष्ट्र सरकार ने हाउसिंग सोसायटियों के पुनर्विकास के लिए जरूरी सहमति के नियम को बदल दिया है। पहले इसके लिए 70% सदस्यों की मंजूरी चाहिए होती थी, लेकिन अब इसे घटाकर न्यूनतम 51% कर दिया गया है। यह नियम 22 मई 2026 से लागू हो चुका है। खास बात यह है कि यह सहमति मौखिक या हाथ उठाकर नहीं, बल्कि लिखित हलफनामे (affidavits) के जरिए ली जाएगी।
नया नियम और बिल्डर्स के लिए क्या हैं शर्तें
सरकार ने पारदर्शिता बढ़ाने के लिए कई कड़े नियम बनाए हैं। अब बिल्डर्स को कुल प्रोजेक्ट लागत का 20% बैंक गारंटी के तौर पर देना होगा। साथ ही, पुनर्विकास से जुड़ी सभी स्पेशल जनरल मीटिंग्स (SGM) की वीडियो रिकॉर्डिंग करना अनिवार्य कर दिया गया है। 30 साल से पुरानी या MCGM द्वारा जर्जर घोषित इमारतों को इस प्रक्रिया के लिए पात्र माना गया है।
निवासियों को क्या फायदे और अधिकार मिलेंगे
पुनर्विकास के दौरान निवासियों को अस्थायी आवास के लिए किराया और नए फ्लैट का साइज स्पष्ट रूप से समझौते (MoU) में लिखना होगा। DCPR 2034 के तहत अब ऊंची इमारतों (180 मीटर तक) के लिए मंजूरी की प्रक्रिया सरल की गई है। इसके अलावा, सरकारी जमीन को फ्रीहोल्ड कराने की फीस भी कम कर दी गई है, जिससे सेल्फ-रिडेवलपमेंट करने वाली सोसायटियों को फायदा होगा।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई में पुनर्विकास के लिए अब कितनी सहमति चाहिए?
नए नियमों के अनुसार, अब हाउसिंग सोसाइटी के पुनर्विकास के लिए कम से कम 51% सदस्यों की लिखित सहमति अनिवार्य है, जो पहले 70% थी।
कौन सी इमारतें Redevelopment के लिए पात्र हैं?
जो इमारतें 30 साल या उससे ज्यादा पुरानी हैं या जिन्हें MCGM ने जर्जर (dilapidated) घोषित किया है, वे पुनर्विकास के लिए पात्र हैं।