Mumbai में पुरानी इमारतों के पुनर्विकास की रफ्तार बढ़ी, 3 महीने में हुए 70 बड़े समझौते
Maharashtra: मुंबई में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। शहर की पुरानी इमारतों को नए सिरे से बनाने यानी Redevelopment का काम अब बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। जनवरी से मार्च 2026 के बीच करीब 70 हाउसिंग सोसायटियों ने पुन
Maharashtra: मुंबई में रहने वाले लोगों के लिए अच्छी खबर है। शहर की पुरानी इमारतों को नए सिरे से बनाने यानी Redevelopment का काम अब बहुत तेजी से आगे बढ़ रहा है। जनवरी से मार्च 2026 के बीच करीब 70 हाउसिंग सोसायटियों ने पुनर्विकास के लिए समझौते पर साइन किए हैं। अब लोग एक-एक बिल्डिंग के बजाय पूरे इलाके को एक साथ विकसित करने के विकल्प को चुन रहे हैं।
Knight Frank India की रिपोर्ट के मुताबिक, इन 70 समझौतों में कुल 52.2 एकड़ जमीन शामिल है। यह रफ्तार इतनी तेज है कि साल के सिर्फ पहले तीन महीनों में ही 2025 के पूरे साल के कुल समझौतों का 30 प्रतिशत से ज्यादा काम पूरा हो गया है। मुंबई के उपनगरों जैसे बोरीवली, अंधेरी, बांद्रा और घाटकोपर में सबसे ज्यादा काम हो रहा है।
सरकार और प्रशासन ने इस प्रक्रिया को आसान बनाने के लिए कई नए नियम लागू किए हैं, जिससे आम लोगों को फायदा होगा। अब किसी भी प्रोजेक्ट को शुरू करने के लिए सदस्यों की सहमति 70 प्रतिशत से घटाकर 51 प्रतिशत कर दी गई है। साथ ही, बिल्डरों के लिए यह जरूरी कर दिया गया है कि वे कुल प्रोजेक्ट लागत का 20 प्रतिशत बैंक गारंटी के रूप में जमा करें, ताकि काम बीच में न रुके।
| नियम/शर्त | नया बदलाव/जानकारी |
|---|---|
| सदस्य सहमति | 70% से घटाकर 51% की गई |
| बैंक गारंटी | प्रोजेक्ट लागत का 20% देना होगा |
| रजिस्ट्रेशन | MahaRERA में पंजीकरण अनिवार्य |
| मीटिंग नियम | दो-तिहाई कोरम और वीडियो रिकॉर्डिंग जरूरी |
| बिल्डिंग पात्रता | 30 साल पुरानी या जर्जर घोषित इमारतें |
| भूमि परिवर्तन | लीज वाली जमीन के मालिकाना हक के लिए 51% सहमति जरूरी |
MHADA ने भी बड़े प्रोजेक्ट्स के लिए डेवलपर्स का चुनाव कर लिया है। वर्ली और बांद्रा रिक्लेमेशन के लिए Adani Group को चुना गया है, जबकि अंधेरी वेस्ट के प्रोजेक्ट के लिए JSW Group और Chandak Developers की जोड़ी को जिम्मेदारी मिली है। जानकारों का कहना है कि 2031 तक इस प्रक्रिया से मुंबई में करीब 59,000 नए घर बनेंगे, जिनकी कुल कीमत 1.5 लाख करोड़ रुपये के आसपास होगी।
बदलते नियमों के तहत अब MoU में किराया, फ्लैट का साइज और प्रोजेक्ट पूरा करने की समय सीमा जैसी बातें साफ-साफ लिखनी होंगी। अगर बिल्डर समय पर काम पूरा नहीं करता है, तो पेनल्टी का प्रावधान भी रखा गया है। इससे उन लोगों को सुरक्षा मिलेगी जो सालों से अपने नए घर का इंतजार कर रहे हैं।