Maharashtra: मुंबई के स्काईलाइन में बड़ा बदलाव दिख रहा है। दुनिया के बड़े वॉल स्ट्रीट बैंक और इन्वेस्टमेंट फर्में भारत की आर्थिक तरक्की का फायदा उठाने के लिए मुंबई में जगह तलाश रही हैं। शहर में जमीन की कमी होने की वजह से
Maharashtra: मुंबई के स्काईलाइन में बड़ा बदलाव दिख रहा है। दुनिया के बड़े वॉल स्ट्रीट बैंक और इन्वेस्टमेंट फर्में भारत की आर्थिक तरक्की का फायदा उठाने के लिए मुंबई में जगह तलाश रही हैं। शहर में जमीन की कमी होने की वजह से अब ऑफिस स्पेस और जमीन के लिए जबरदस्त मुकाबला शुरू हो गया है, जिसका सीधा असर स्थानीय लोगों और प्रॉपर्टी मार्केट पर पड़ रहा है।
कौन से बड़े बैंक और कंपनियां मुंबई में जगह बना रही हैं?
मुंबई के वर्ली इलाके में स्थित 41 मंजिला Altimus टावर जैसे लग्जरी कमर्शियल स्पेस में Barclays, BlackRock, KKR, Morgan Stanley और UBS Group जैसे बड़े नाम अपनी जगह बना चुके हैं। वहीं JPMorgan Chase & Co. ने पवई में Brookfield Asset Management के साथ 20 साल का लीज एग्रीमेंट किया है। यह ऑफिस करीब 20 लाख स्क्वायर फीट में फैला होगा, जहाँ 2030 तक 30,000 कर्मचारी AI और साइबर सिक्योरिटी जैसे आधुनिक काम करेंगे।
प्रॉपर्टी मार्केट और रिडेवलपमेंट पर क्या असर पड़ रहा है?
जमीन की भारी कमी के कारण अब बिल्डर्स पुराने मकानों के रिडेवलपमेंट के लिए घर मालिकों को लुभावने ऑफर दे रहे हैं। इसमें एक्स्ट्रा एरिया के साथ-साथ कई सुविधाएं शामिल हैं:
- मकान मालिकों को ₹4,500 प्रति स्क्वायर फीट का हार्डशिप मुआवजा।
- शिफ्टिंग के लिए ₹1.75 लाख तक का खर्च।
- रिडेवलपमेंट के दौरान ₹1.50 लाख प्रति महीना किराया।
- फ्री एयर कंडीशनर, मॉडुलर किचन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान।
प्रमुख प्रोजेक्ट्स और निवेश की ताजा स्थिति क्या है?
| कंपनी/प्रोजेक्ट |
विवरण |
अनुमानित कीमत/वैल्यू |
| Prestige Estates & ABIL Group |
वर्सोवा में प्रीमियम रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट |
₹90 बिलियन |
| Suraj Estate Developers |
दादर (वेस्ट) में जमीन का अधिग्रहण |
₹180 मिलियन (अधिग्रहण लागत) |
| Suraj Estate (GDV) |
रिडेवलपमेंट प्रोजेक्ट की वैल्यू |
₹100 करोड़ |
प्रॉपर्टी एक्सपर्ट्स का मानना है कि प्रधानमंत्री मोदी के 2047 तक भारत को विकसित बाजार बनाने के लक्ष्य और इंश्योरेंस-पेंशन फंड जैसे सेक्टर खुलने से विदेशी निवेश बढ़ेगा। वहीं, देवेंद्र फडणवीस के नेतृत्व में ‘तीसरी और चौथी मुंबई’ बनाने की योजना पर काम चल रहा है ताकि विकास को शहर के बाहर फैलाया जा सके।