Maharashtra: मुंबई में बड़ी-बड़ी विदेशी कंपनियां अपने ऑफिस खोल रही हैं जिससे शहर की शक्ल बदल रही है। एक तरफ जहां आलीशान टावर खड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कम आय वाले लोगों के लिए घर बचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। लाखो
Maharashtra: मुंबई में बड़ी-बड़ी विदेशी कंपनियां अपने ऑफिस खोल रही हैं जिससे शहर की शक्ल बदल रही है। एक तरफ जहां आलीशान टावर खड़े हो रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ कम आय वाले लोगों के लिए घर बचाना एक बड़ी चुनौती बन गया है। लाखों लोग अब इस बात को लेकर परेशान हैं कि पुनर्विकास (Redevelopment) के बाद वे इसी शहर में रह पाएंगे या नहीं।
मुंबई में घर महंगे होने की क्या वजह है और एक्सपर्ट्स क्या कह रहे हैं?
शहर में Barclays, BlackRock और Morgan Stanley जैसी बड़ी ग्लोबल कंपनियां आ रही हैं, जिससे लग्जरी प्रॉपर्टी की मांग बढ़ी है। Nahar Group की Manju Yagnik ने चेतावनी दी है कि अगर सरकार ने मदद नहीं की, तो 1 करोड़ रुपये से कम वाले घर मुंबई से गायब हो सकते हैं। TRU Realty के CEO Sujay Kalele का कहना है कि किफायती घरों की लागत अब बहुत ज्यादा बढ़ चुकी है।
SRA और MHADA के नए नियम क्या हैं?
आम लोगों और झुग्गी निवासियों के हितों की रक्षा के लिए कुछ कड़े कदम उठाए गए हैं:
- SRA ने जनवरी 2026 में आदेश दिया कि जब तक झुग्गीवासियों का पुनर्वास पूरा नहीं होता, बिल्डर फ्लैट्स नहीं बेच पाएंगे।
- सोसाइटी पुनर्विकास के लिए अब 51% सदस्यों की सहमति और मीटिंग की वीडियो रिकॉर्डिंग जरूरी है।
- बिल्डरों को प्रोजेक्ट लागत का 20% बैंक गारंटी के रूप में देना होगा।
- MHADA के CEO संजीव जायसवाल ने बताया कि क्लस्टर पुनर्विकास से 800-1,000 एकड़ जमीन मिल सकती है, जिससे कुछ सेगमेंट में कीमतें 25% तक गिर सकती हैं।
पुनर्विकास और शहरी दबाव का आम जनता पर क्या असर होगा?
| संस्था/व्यक्ति |
मुख्य चिंता/सुझाव |
| राहुल नारवेकर |
स्लम की पहली मंजिल पर रहने वाले किरायेदारों को भी SRA स्कीम में जगह मिले। |
| आकाश फरांडे |
शहर के खराब प्रबंधन से पानी की किल्लत और स्वास्थ्य संकट बढ़ सकता है। |
| Economic Survey 2025-26 |
बड़ी आबादी के बावजूद मुंबई जैसे शहरों में रहने की गुणवत्ता और उत्पादकता कम है। |