Mumbai में मानसून की देरी के बाद हुई बारिश, गर्मी से मिली राहत लेकिन गहराया पानी का संकट

Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए रविवार का दिन राहत भरा रहा क्योंकि लंबे इंतजार के बाद शहर में बारिश हुई। इस बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से निजात दिलाई है। हालांकि, मानसून की देरी की वजह से शहर में पानी की भारी

Maharashtra: मुंबई के लोगों के लिए रविवार का दिन राहत भरा रहा क्योंकि लंबे इंतजार के बाद शहर में बारिश हुई। इस बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी और उमस से निजात दिलाई है। हालांकि, मानसून की देरी की वजह से शहर में पानी की भारी किल्लत हो गई है, जिससे आम जनता परेशान है।

रविवार सुबह शहर के अलग-अलग इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश दर्ज की गई। आंकड़ों के मुताबिक, घाटकोपर के रमाबाई म्युनिसिपल स्कूल में 24 mm, चेंबूर फायर स्टेशन पर 20 mm और मानखुर्द फायर स्टेशन पर 16 mm बारिश हुई। वहीं वर्ली सीफेस और सावित्रीबाई फुले म्युनिसिपल स्कूल में 25-25 mm बारिश रिकॉर्ड की गई। इस बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई है, जिससे मौसम सुहावना हो गया।

मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई और ठाणे के लिए येलो अलर्ट जारी किया है। अनुमान है कि 22 और 23 जून को भी गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है और 30-40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं। IMD के मुताबिक, 23 जून के आसपास मानसून महाराष्ट्र के और हिस्सों में आगे बढ़ेगा और 25-26 जून तक बारिश और तेज हो सकती है। मौसम विशेषज्ञ अक्षय सुनील का कहना है कि हवाओं के रुख और नमी की वजह से आने वाले दिनों में स्थिति बेहतर होगी।

एक तरफ बारिश से राहत मिली है, तो दूसरी तरफ पानी का संकट गंभीर हो गया है। BMC की रिपोर्ट के अनुसार, मुंबई को पानी देने वाली सात झीलों में केवल 8.68% पानी बचा है। अपर वैतरणा झील का स्तर इतना गिर गया है कि वहां अब उपयोगी पानी खत्म हो चुका है। इस संकट से निपटने के लिए BMC ने सख्त कदम उठाए हैं।

प्रभावित क्षेत्र/सुविधा BMC द्वारा लिया गया एक्शन
इंडस्ट्रियल और कमर्शियल यूनिट्स पानी की सप्लाई में 20% की कटौती
कंस्ट्रक्शन साइट और स्विमिंग पूल पानी की सप्लाई पूरी तरह बंद
नए कनेक्शन कंस्ट्रक्शन साइट्स के लिए नए कनेक्शन पर रोक
आम जनता के लिए सलाह गाड़ी धोने, गार्डन में पानी डालने और सड़क सफाई पर रोक

महाराष्ट्र सरकार ने अधिकारियों को निर्देश दिया है कि 31 अगस्त 2026 तक पीने के पानी की सप्लाई को प्राथमिकता दी जाए ताकि आम लोगों को परेशानी न हो।