Maharashtra: मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर पिछले कुछ सालों में बड़ी संख्या में अकेले बच्चे मिले हैं। जनवरी 2021 से अप्रैल 2026 के बीच कुल 11,974 बच्चे मिले, जिनमें से 99% को उनके माता-पिता और परिवार से वापस मिला दिया गया। र
Maharashtra: मुंबई के रेलवे स्टेशनों पर पिछले कुछ सालों में बड़ी संख्या में अकेले बच्चे मिले हैं। जनवरी 2021 से अप्रैल 2026 के बीच कुल 11,974 बच्चे मिले, जिनमें से 99% को उनके माता-पिता और परिवार से वापस मिला दिया गया। रेलवे पुलिस और प्रशासन ने इन बच्चों को सुरक्षित घर पहुँचाने के लिए खास अभियान चलाए हैं।
बच्चों के रेस्क्यू और मिलन का पूरा डेटा
रेलवे द्वारा जारी आंकड़ों के मुताबिक, बच्चों को बचाने और उनके परिवार को खोजने का काम काफी बड़े स्तर पर हुआ है। इसमें लड़कों की संख्या लड़कियों से ज्यादा रही।
| विवरण |
आंकड़े |
| कुल मिले अकेले बच्चे (जनवरी 2021 – अप्रैल 2026) |
11,974 |
| परिवार से मिलाए गए बच्चे |
11,835 (लगभग 99%) |
| सीधे पुलिस स्टेशन से परिजनों को सौंपे गए बच्चे |
5,736 |
| मिले बच्चों में लड़कों का प्रतिशत |
67% |
| जनवरी-अप्रैल 2026 के बीच बचाए गए बच्चे |
499 |
बच्चों की सुरक्षा के लिए क्या नियम और सिस्टम हैं
रेलवे ने अकेले मिले बच्चों के लिए Standard Operating Procedure (SOP) बनाया है। इसके तहत किसी भी बच्चे के मिलने पर 24 घंटे के भीतर उसे Child Welfare Committee (CWC) के सामने पेश करना जरूरी होता है। स्टेशनों पर हेल्पडेस्क बनाए गए हैं जहाँ NGO के ट्रेंड सदस्य तैनात रहते हैं।
- GRP: लापता बच्चों को खोजने के लिए ‘निर्भया स्क्वाड’ और हेल्पलाइन 1512 का संचालन करती है।
- RPF: ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ और ‘ऑपरेशन डिग्निटी’ के जरिए बच्चों और कमजोर वयस्कों को बचाता है।
- NGOs: Childline और बचपन बचाओ आंदोलन जैसे संगठन पुनर्वास और ट्रेनिंग में मदद करते हैं।
बच्चे घर से क्यों निकलते हैं और हालिया घटना क्या रही
GRP अधिकारियों का कहना है कि कई युवा मुंबई की चमक-धमक या गरीबी के कारण नौकरी की तलाश में घर से निकल आते हैं। फरवरी 2025 में कल्याण स्टेशन पर चार महिला पुलिसकर्मियों ने एक किशोर लड़की को रोते हुए पाया था, जो उत्तर प्रदेश (UP) से घर छोड़कर आई थी। इसके अलावा, जनवरी से फरवरी 2026 के बीच ‘ऑपरेशन मुस्कान-14’ के तहत महाराष्ट्र भर से 305 बच्चे मिले, जिनमें से 247 को परिवार से मिलाया गया।
Frequently Asked Questions (FAQs)
रेलवे स्टेशन पर अकेले मिले बच्चों के लिए कौन सा हेल्पलाइन नंबर है
Government Railway Police (GRP) ने लापता बच्चों को खोजने और मदद के लिए हेल्पलाइन नंबर 1512 जारी किया है।
ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते क्या है
यह Railway Protection Force (RPF) की एक पहल है जिसके तहत रेलवे परिसर में मिले कमजोर बच्चों और वयस्कों को रेस्क्यू कर उन्हें सुरक्षित स्थान या परिवार तक पहुँचाया जाता है।