Maharashtra: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। महाराष्ट्र दिवस के मौके पर 1 मई 2026 को ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया गया। इस नए रास्ते से अब यात्रियों को लोनावला के
Maharashtra: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों के लिए बड़ी खुशखबरी आई है। महाराष्ट्र दिवस के मौके पर 1 मई 2026 को ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया गया। इस नए रास्ते से अब यात्रियों को लोनावला के खतरनाक घाट सेक्शन से नहीं गुजरना पड़ेगा, जिससे सफर में 20 से 30 मिनट की बचत होगी और दूरी भी करीब 6 किलोमीटर कम हो गई है।
दुनिया का सबसे चौड़ा टनल और गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड
इस प्रोजेक्ट की सबसे बड़ी खासियत इसका अंडरग्राउंड टनल है, जिसे एशिया का सबसे चौड़ा रोड टनल बताया जा रहा है। इसकी चौड़ाई 22.33 मीटर है, जिसके लिए इसे Guinness World Records का सर्टिफिकेट मिला है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis और उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde व Sunetra Pawar ने इस रिकॉर्ड सर्टिफिकेट को प्राप्त किया। इस पूरे प्रोजेक्ट को बनाने में 6,695 करोड़ रुपये का खर्च आया है।
किसे मिलेगी एंट्री और क्या रहेंगे नियम
शुरुआती दौर में इस नए रास्ते के इस्तेमाल को लेकर कुछ नियम तय किए गए हैं। 1 मई से 31 अक्टूबर 2026 तक केवल हल्की गाड़ियों (LMV) और पैसेंजर बसों को ही इस रास्ते पर चलने की अनुमति होगी। माल ढोने वाले वाहनों की एंट्री इस दौरान बंद रहेगी, जिसकी समीक्षा 1 नवंबर से की जाएगी। रफ्तार की बात करें तो कारों के लिए स्पीड लिमिट 100 kmph और बसों के लिए 80 kmph रखी गई है।
सफर में क्या बदलाव आएंगे
इस नए रूट में 8.9 किलोमीटर लंबा टनल और टाइगर वैली के ऊपर 650 मीटर लंबा केबल-स्टेड ब्रिज बनाया गया है, जो भारत के सबसे ऊंचे पुलों में से एक है। अधिकारियों का मानना है कि अब करीब 70% गाड़ियां पुराने घाट सेक्शन को छोड़कर इस नए रास्ते का इस्तेमाल करेंगी। इससे खंडाला घाट पर जाम की समस्या खत्म होगी और हादसों में भी कमी आएगी। उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने साफ किया है कि इस नए सेक्शन के लिए टोल दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
नए टनल से सफर में कितना समय बचेगा?
इस नए रूट और टनल की वजह से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे पर सफर करने वालों का समय 20 से 30 मिनट कम हो जाएगा और दूरी भी लगभग 6 किलोमीटर घट जाएगी।
क्या इस नए रास्ते पर सभी तरह के वाहन चल सकते हैं?
नहीं, 31 अक्टूबर 2026 तक केवल हल्की मोटर गाड़ियां (LMV) और पैसेंजर बसें ही इस रास्ते का उपयोग कर सकती हैं। मालवाहक वाहनों के लिए नवंबर में समीक्षा की जाएगी।