Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। एक्सप्रेसवे का बहुप्रतीक्षित ‘Missing Link’ हिस्सा 1 मई 2026 को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस नए रास्ते के शुरू होने से अब लोगों
Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। एक्सप्रेसवे का बहुप्रतीक्षित ‘Missing Link’ हिस्सा 1 मई 2026 को आम जनता के लिए खोल दिया जाएगा। इस नए रास्ते के शुरू होने से अब लोगों को पुराने खंडाला घाट के जाम से राहत मिलेगी और सफर का समय काफी कम हो जाएगा।
Missing Link से सफर में क्या बदलाव आएंगे?
यह नया स्ट्रेच करीब 13.3 किलोमीटर लंबा है, जिससे मुंबई-पुणे के बीच की कुल दूरी लगभग 6 किलोमीटर कम हो जाएगी। अधिकारियों के मुताबिक, इससे यात्रियों के समय में कम से कम 30 मिनट की बचत होगी। इसके अलावा, पुराने घाट सेक्शन पर ट्रैफिक का दबाव करीब 70 प्रतिशत तक कम होने की उम्मीद है, जिससे सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक फ्लो बेहतर होगा।
कौन से वाहन जा सकेंगे और क्या होगा टोल नियम?
शुरुआती छह महीनों तक इस नए रास्ते पर केवल कारों और बसों को ही अनुमति होगी। भारी वाहन और खतरनाक सामान ले जाने वाले ट्रक पुराने घाट सेक्शन का ही इस्तेमाल करेंगे। राहत की बात यह है कि इस नए हिस्से के लिए कोई अलग से टोल नहीं लिया जाएगा। तलेगांव और खालापुर पर जो मौजूदा टोल सिस्टम है, वही पहले की तरह लागू रहेगा।
प्रोजेक्ट की खासियत और लागत
करीब 6,695 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट में एशिया की सबसे लंबी सड़क सुरंगों में से एक (8.9 किमी और 1.9 किमी) शामिल है। इसमें टाइगर वैली के ऊपर 650 मीटर लंबा केबल-स्टेयड ब्रिज बनाया गया है, जिसकी ऊंचाई 180 मीटर से ज्यादा है। MSRDC के मुताबिक, काम लगभग 98 प्रतिशत पूरा हो चुका है और महाराष्ट्र दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इसका उद्घाटन कर सकते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Missing Link कब से शुरू होगा और कौन इसका उद्घाटन करेगा?
यह 1 मई 2026 को महाराष्ट्र दिवस के अवसर पर शुरू होगा और मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस इसके उद्घाटन अधिकारी हो सकते हैं।
क्या नए रास्ते के लिए अलग से टोल देना होगा?
नहीं, इस नए स्ट्रेच के लिए कोई अतिरिक्त टोल नहीं लगेगा। पुराने टोल प्लाजा (तलेगांव और खालापुर) के नियम ही लागू रहेंगे।
शुरुआत में किन वाहनों को अनुमति मिलेगी?
पहले छह महीनों तक केवल कार और बसें ही इस रास्ते का उपयोग कर सकेंगी, भारी वाहनों को पुराने घाट मार्ग से जाना होगा।