Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। एक्सप्रेसवे का लंबे समय से रुका हुआ ‘मिसिंग लिंक’ आखिरकार 1 मई 2026 को जनता के लिए खोल दिया गया। यह प्रोजेक्ट 2010 में शुरू हुआ थ
Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी आई है। एक्सप्रेसवे का लंबे समय से रुका हुआ ‘मिसिंग लिंक’ आखिरकार 1 मई 2026 को जनता के लिए खोल दिया गया। यह प्रोजेक्ट 2010 में शुरू हुआ था, लेकिन सुरक्षा कारणों और तकनीकी दिक्कतों की वजह से इसे पूरा होने में 15 साल का समय लगा। अब लोग खतरनाक खंडाला और भोर घाट के रास्ते के बिना भी अपनी मंजिल तक पहुँच सकेंगे।
नया रूट क्या है और इससे क्या फायदा होगा?
यह नया लिंक करीब 13.3 किलोमीटर लंबा है जो खोपोली को कुसगांव से जोड़ता है। इसे 8 लेन के हाईवे के तौर पर बनाया गया है, जिससे अब गाड़ियों की रफ्तार 120 किमी प्रति घंटा तक रह सकती है। इसका सबसे बड़ा फायदा यह है कि ड्राइवरों को अब घाट के खतरनाक मोड़ों और ढलान पर गाड़ी नहीं चलानी पड़ेगी, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी।
प्रोजेक्ट की खास बातें और नियम
इस प्रोजेक्ट में इंजीनियरिंग का बेहतरीन नमूना देखने को मिला है। इसमें एशिया की सबसे लंबी सुरंगों में से एक और भारत का सबसे ऊंचा केबल-स्टेड ब्रिज बनाया गया है। फिलहाल इस रास्ते पर केवल हल्की गाड़ियां और बसें ही चल सकेंगी, जबकि भारी ट्रक पुराने घाट वाले रास्ते का ही इस्तेमाल करेंगे। सबसे राहत की बात यह है कि इस नए लिंक के लिए यात्रियों को कोई अलग से टोल टैक्स नहीं देना होगा।
| खासियत |
विवरण |
| कुल लंबाई |
13.3 किलोमीटर |
| स्पीड लिमिट |
120 किमी/घंटा |
| टोल चार्ज |
कोई अतिरिक्त शुल्क नहीं |
| बड़े पुल |
दो केबल-स्टेड ब्रिज (770मी और 650मी) |
| सुरंगें |
दो ट्विन टनल (1.75 किमी और 8.92 किमी) |
| कुल लागत |
करीब ₹6,695 करोड़ से ₹7,181 करोड़ |
निर्माण में आई चुनौतियां और उद्घाटन
मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने इस प्रोजेक्ट का उद्घाटन किया और इसे भारतीय इंजीनियरिंग की मिसाल बताया। निर्माण के दौरान Afcons Infrastructure और Navayuga Engineering जैसी कंपनियों को सह्याद्री की पहाड़ियों में भारी बारिश, तेज हवाओं और कोहरे जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। उद्घाटन के दिन लॉन्ग वीकेंड होने की वजह से कुछ गाड़ियां खराब हुईं और ट्रैफिक जाम लगा, जिसके लिए मुख्यमंत्री ने माफी भी मांगी।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या नए मिसिंग लिंक के लिए अलग से टोल देना होगा?
नहीं, उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने स्पष्ट किया है कि इस नए लिंक के इस्तेमाल के लिए यात्रियों से कोई अतिरिक्त टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इस नए रास्ते पर कौन सी गाड़ियां चल सकती हैं?
सुरक्षा कारणों से फिलहाल इस रूट पर केवल हल्की मोटर गाड़ियां (LMV) और बसों को अनुमति दी गई है। भारी मालवाहक वाहनों को पुराने घाट रूट का ही उपयोग करना होगा।