Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। डिप्टी सीएम Eknath Shinde ने रविवार को ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट का जायजा लिया। यह प्रोजेक्ट 1 मई को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर शुरू
Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। डिप्टी सीएम Eknath Shinde ने रविवार को ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट का जायजा लिया। यह प्रोजेक्ट 1 मई को महाराष्ट्र दिवस के मौके पर शुरू होने जा रहा है, जिससे एक्सप्रेसवे पूरी तरह एक्सेस कंट्रोल होगा और लोगों को घंटों लगने वाले ट्रैफिक जाम से राहत मिलेगी।
Missing Link प्रोजेक्ट से क्या होगा फायदा
इस नए लिंक के बनने से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे की दूरी लगभग 6 किलोमीटर कम हो जाएगी। MSRDC के अधिकारियों के मुताबिक, इससे यात्रा के समय में 20 से 30 मिनट की बचत होगी। यह प्रोजेक्ट खासतौर पर खंडाला और भोर घाट के खतरनाक रास्तों को बायपास करेगा, जिससे दुर्घटनाओं में कमी आएगी और ट्रैफिक का दबाव पुराने घाट सेक्शन से 70% तक कम हो जाएगा।
किसे मिलेगी एंट्री और क्या होंगे नियम
शुरुआती छह महीनों तक इस नए रास्ते पर केवल हल्की गाड़ियां (Light Motor Vehicles) और बसें ही चल सकेंगी। भारी वाहन, जैसे पेट्रोल, डीजल, गैस और केमिकल ले जाने वाले टैंकरों को नई सुरंगों (Tunnels) से जाने की अनुमति नहीं होगी। सुरक्षा कारणों से इन भारी वाहनों को पुराने घाट सेक्शन का ही इस्तेमाल करना होगा। MSRDC इसके लिए ट्रैफिक पुलिस और ट्रांसपोर्ट विभाग को सख्त निर्देश जारी करेगा।
प्रोजेक्ट की खासियत और टोल का अपडेट
करीब 6,700 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट में दुनिया की सबसे चौड़ी सुरंगों में से एक और टाइगर वैली के ऊपर एक ऊंचा केबल-स्टेयड ब्रिज शामिल है। डिप्टी सीएम Eknath Shinde ने साफ किया है कि इस नए लिंक के शुरू होने से खलापुर टोल प्लाजा समेत एक्सप्रेसवे पर टोल की दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis इस प्रोजेक्ट का औपचारिक उद्घाटन करेंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या Missing Link शुरू होने के बाद टोल बढ़ेगा?
नहीं, डिप्टी सीएम Eknath Shinde ने स्पष्ट किया है कि इस प्रोजेक्ट की वजह से मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे या खलापुर टोल प्लाजा पर टोल दरों में कोई बढ़ोतरी नहीं होगी।
क्या सभी गाड़ियां नए रास्ते का इस्तेमाल कर सकेंगी?
शुरुआती 6 महीने सिर्फ हल्की गाड़ियां और बसें ही इसे इस्तेमाल कर पाएंगी। भारी वाहन और ज्वलनशील पदार्थ ले जाने वाले टैंकरों को पुरानी घाट सड़क का ही उपयोग करना होगा।