Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने शुक्रवार, 1 मई 2026 को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के बहुप्रतीक्षित 13.3 किलोमीटर लंबे ‘Missing Link’ का
Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खुशखबरी है। मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने शुक्रवार, 1 मई 2026 को मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के बहुप्रतीक्षित 13.3 किलोमीटर लंबे ‘Missing Link’ का उद्घाटन किया। CM ने खुद कार चलाकर इस नए रास्ते की शुरुआत की, जिससे अब यात्रियों को घाट सेक्शन में लगने वाले लंबे जाम से छुटकारा मिलेगा।
Missing Link से आम जनता को क्या फायदे होंगे?
इस नए रूट के खुलने से मुंबई और पुणे के बीच की दूरी करीब 6 किलोमीटर कम हो गई है। इससे यात्रियों का समय 20 से 30 मिनट तक बचेगा। मुख्यमंत्री ने इसे महाराष्ट्र के लिए एक ‘इंजीनियरिंग मार्वल’ बताया है। MSRDC के MD Anilkumar Gaikwad के मुताबिक, यह प्रोजेक्ट घाट सेक्शन में ट्रैफिक की समस्या का स्थायी समाधान है, जिससे सड़क हादसे कम होंगे और सफर सुरक्षित होगा।
नया रूट इस्तेमाल करने के नियम और शर्तें क्या हैं?
प्रशासन ने इस नए रास्ते के लिए कुछ जरूरी नियम तय किए हैं। शुरुआती छह महीनों तक यहाँ केवल हल्की गाड़ियां (LMV) और बसें ही चल सकेंगी। सबसे बड़ी राहत यह है कि इस Missing Link के इस्तेमाल के लिए यात्रियों से कोई अलग से टोल नहीं लिया जाएगा। साथ ही, इस हिस्से पर स्पीड लिमिट को 60-80 kmph से बढ़ाकर 120 kmph कर दिया गया है। आम लोग 2 मई से इस रास्ते का इस्तेमाल शुरू कर सकते हैं।
प्रोजेक्ट की खासियत और लागत क्या है?
करीब 6,695 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट में दो जोड़ी ट्विन टनल और दो वायाडक्ट शामिल हैं। इसमें एक 650 मीटर लंबा केबल-स्टेयड ब्रिज भी है, जिसके खंभे 182 मीटर ऊंचे हैं और यह भारत का सबसे ऊंचा पुल माना जा रहा है। यहाँ की सुरंगें 23.75 मीटर चौड़ी हैं, जो दुनिया की सबसे चौड़ी रोड टनल में गिनी जाती हैं और इनके गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड्स में शामिल होने की संभावना है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Missing Link का इस्तेमाल कब से शुरू कर सकते हैं?
मुख्यमंत्री ने इसका उद्घाटन 1 मई 2026 को किया, लेकिन आम जनता के लिए यह रास्ता 2 मई से पूरी तरह खुल गया है।
क्या इस नए रास्ते के लिए अलग से टोल देना होगा?
नहीं, अधिकारियों ने साफ किया है कि Missing Link का इस्तेमाल करने वाले यात्रियों से कोई अतिरिक्त टोल शुल्क नहीं लिया जाएगा।
इस रूट पर कौन सी गाड़ियां चल सकती हैं?
शुरुआती छह महीनों के लिए इस नए रूट पर केवल हल्के मोटर वाहन (LMV) और बसों को ही अनुमति दी गई है।