Mumbai-Pune Expressway के मिसिंग लिंक पर विवाद, CM Fadnavis बोले- यह इंजीनियरिंग का कमाल है

Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वालों के लिए बनाया गया ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट इन दिनों चर्चा में है। हाल ही में इस रास्ते की एक टनल के पास लैंडस्लाइड होने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर द

Maharashtra: मुंबई और पुणे के बीच सफर करने वालों के लिए बनाया गया ‘मिसिंग लिंक’ प्रोजेक्ट इन दिनों चर्चा में है। हाल ही में इस रास्ते की एक टनल के पास लैंडस्लाइड होने के बाद विपक्ष ने सरकार को घेरना शुरू कर दिया था। अब मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने विधानसभा में इस प्रोजेक्ट का बचाव करते हुए इसे एक ‘इंजीनियरिंग मार्वल’ बताया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि इतने बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स में शुरुआत में कुछ दिक्कतें आना आम बात है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोग टीवी और सोशल मीडिया के जरिए गलत खबरें फैला रहे हैं। Fadnavis ने साफ किया कि महाराष्ट्र की छवि खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस प्रोजेक्ट में भारत का सबसे चौड़ा केबल-स्टेड ब्रिज बनाया गया है और इसके वियाडक्ट्स को 170 किमी प्रति घंटे की रफ्तार वाली तेज हवाओं को सहने के लिए डिजाइन किया गया है। साथ ही, उन्होंने भरोसा दिलाया कि एक्सपर्ट्स ने जो सुरक्षा उपाय बताए हैं, उन्हें लागू किया जाएगा।

पूरा मामला 6 जुलाई को शुरू हुआ जब भारी बारिश की वजह से टनल 2 के पास लैंडस्लाइड हुआ। 24 घंटे में करीब 625 मिमी बारिश दर्ज की गई थी, जिसके कारण पुणे से मुंबई जाने वाला रास्ता 18 घंटे से ज्यादा समय तक बंद रहा। MSRDC के एमडी अनिल कुमार गायकवाड़ ने इसे ‘एक्ट ऑफ गॉड’ बताया और कहा कि यह निर्माण की गलती नहीं थी। उन्होंने स्पष्ट किया कि मुख्य टनल पूरी तरह सुरक्षित है और केवल प्रवेश द्वार पर लगा सजावटी ढांचा (फॉल्स फ्रेम) ही क्षतिग्रस्त हुआ था। सोमवार रात मलबे को हटाकर रास्ता फिर से खोल दिया गया था।

यह प्रोजेक्ट 1 मई 2026 को शुरू किया गया था और इसका मकसद खंडाला घाट के भीड़भाड़ वाले 19 किमी के हिस्से को बायपास करना था। इससे अब मुंबई और पुणे के बीच की दूरी करीब 6 किमी कम हो गई है और यात्रा के समय में 20 से 30 मिनट की बचत होती है।

प्रोजेक्ट की मुख्य जानकारी विवरण
कुल लंबाई करीब 13.3 किमी
अनुमानित लागत लगभग ₹6,695 करोड़ से ₹7,000 करोड़
खासियत दुनिया की सबसे चौड़ी अंडरग्राउंड ट्विन टनल (गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड)
ब्रिज की ऊंचाई टाइगर वैली के ऊपर 183 मीटर
टोल इस नए हिस्से के लिए कोई अतिरिक्त टोल नहीं लगेगा
निर्माण एजेंसियां Navayuga Engineering और Afcons Infrastructure