Mumbai-Pune Expressway पर लैंडस्लाइड से ट्रैफिक ठप, ‘Missing Link’ सेक्शन में मलबे ने रोका रास्ता
Maharashtra: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए ‘Missing Link’ सेक्शन में सोमवार तड़के भारी लैंडस्लाइड हुआ, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। यह हादसा 6 जुलाई 2026 की सुबह करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच टनल 2 के ए
Maharashtra: मुंबई-पुणे एक्सप्रेसवे के नए ‘Missing Link’ सेक्शन में सोमवार तड़के भारी लैंडस्लाइड हुआ, जिससे यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। यह हादसा 6 जुलाई 2026 की सुबह करीब 3:30 से 4:00 बजे के बीच टनल 2 के एग्जिट के पास हुआ। इस वजह से एक्सप्रेसवे करीब 19 घंटे तक बंद रहा और हजारों यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा।
MSRDC ने इस हादसे को भारी बारिश का नतीजा बताया है और इसे ‘कुदरत का कहर’ कहा है। अधिकारियों का कहना है कि एक्सप्रेसवे को सुरक्षा के सभी मानकों के साथ बनाया गया था और IIT-Bombay ने भी इसके सुरक्षा उपायों की जांच की थी। हालांकि, विपक्ष और कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि यह इंजीनियरिंग की कमी हो सकती है। उनका कहना है कि अगर सुरक्षा इंतजाम बेहतर होते, तो मलबे को सड़क तक पहुंचने से रोका जा सकता था।
हादसे के बाद महाराष्ट्र के लोक निर्माण मंत्री शिवेंद्रसिंह राजे भोसले और मंत्री शंभूराज देसाई ने मौके का मुआयना किया। सरकार ने बताया कि टनल का मुख्य ढांचा सुरक्षित है और केवल बाहरी सुरक्षा स्लैब और रिटेनिंग वॉल को नुकसान पहुंचा है। MSRDC ने लोगों से सलाह दी थी कि वे पुणे और मुंबई के बीच यात्रा टाल दें क्योंकि पुराने हाईवे पर भी ट्रैफिक का दबाव बढ़ गया था।
इस प्रोजेक्ट की लागत करीब 6,695 से 7,000 करोड़ रुपये आई थी और यह 1 मई 2026 को ही शुरू हुआ था। चालू होने के तीन महीने के भीतर ही यह पहला बड़ा हादसा हुआ है। वर्तमान स्थिति यह है कि मुंबई जाने वाला रास्ता सोमवार रात 10:10 बजे खोल दिया गया था, लेकिन पुणे जाने वाली चार लेन में से केवल दो ही खोली जा सकी हैं क्योंकि सड़क पर अब भी पानी बह रहा है।
MSRDC अब इस मामले में दोबारा IIT-Bombay की मदद लेगा ताकि सुरक्षा के नए उपाय किए जा सकें। इसी बीच, करजत-लोनावला घाट सेक्शन में भी लैंडस्लाइड होने की वजह से सेंट्रल रेलवे ने कई ट्रेनों को रद्द और डायवर्ट किया है।