Maharashtra: मुंबई प्रेस क्लब में उस वक्त हंगामा मच गया जब क्लब के पूर्व अध्यक्ष और दो वरिष्ठ पत्रकारों को सदस्यता से निकाल दिया गया। यह कार्रवाई 19 जनवरी 2026 को क्लब में हुई एक मीटिंग के बाद की गई है। इस मामले में अब N
Maharashtra: मुंबई प्रेस क्लब में उस वक्त हंगामा मच गया जब क्लब के पूर्व अध्यक्ष और दो वरिष्ठ पत्रकारों को सदस्यता से निकाल दिया गया। यह कार्रवाई 19 जनवरी 2026 को क्लब में हुई एक मीटिंग के बाद की गई है। इस मामले में अब NIA की एंट्री हुई है, जिससे यह विवाद और बढ़ गया है।
पत्रकारों को क्यों निकाला गया और कौन हैं ये लोग?
मुंबई प्रेस क्लब की मैनेजिंग कमेटी ने गुरबीर सिंह (पूर्व अध्यक्ष), बर्नार्ड डी’मेलो और श्रीकांत मोदक को 6 साल के लिए बाहर कर दिया है। आरोप है कि इन्होंने क्लब में एक ऐसी मीटिंग करवाई जिसमें भीमा कोरेगांव केस के आरोपी शामिल थे। क्लब का कहना है कि इस वजह से संस्थान की बदनामी हुई और वह कानूनी जोखिम में फंस गया। यह फैसला कमेटी के दो-तिहाई बहुमत से लिया गया।
NIA की जांच और क्लब का क्या कहना है?
29 अप्रैल 2026 को NIA के अधिकारियों ने मुंबई प्रेस क्लब का दौरा किया। NIA इस बात की जांच कर रही है कि क्या 19 जनवरी की मीटिंग के दौरान भीमा कोरेगांव आरोपियों की जमानत की शर्तों का उल्लंघन हुआ था। क्लब के सचिव मयूरेश गणपत्ये ने बताया कि वे NIA का पूरा सहयोग कर रहे हैं। क्लब का मानना है कि न्यायिक आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई करना उनकी जिम्मेदारी है।
निकाले गए पत्रकारों ने क्या सफाई दी?
गुरबीर सिंह ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वह सिर्फ एक प्रतिभागी थे, आयोजक नहीं। उन्होंने आरोप लगाया कि यह कार्रवाई राजनीतिक है ताकि वह आने वाले चुनाव न लड़ सकें। वहीं बर्नार्ड डी’मेलो और श्रीकांत मोदक ने कहा कि उन्हें जमानत की किसी पाबंदी की जानकारी नहीं थी और उन्होंने सिर्फ केस से जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए लोगों को बुलाया था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई प्रेस क्लब से किन पत्रकारों को निकाला गया है?
क्लब से पूर्व अध्यक्ष गुरबीर सिंह, वरिष्ठ पत्रकार बर्नार्ड डी’मेलो और श्रीकांत मोदक को 6 साल के लिए निष्कासित किया गया है।
NIA इस मामले में क्या जांच कर रही है?
NIA यह पता लगा रही है कि 19 जनवरी 2026 को हुई मीटिंग में भीमा कोरेगांव केस के आरोपियों ने अपनी जमानत की शर्तों का उल्लंघन तो नहीं किया।