Mumbai के Powai और Chandivli में विकास के नाम पर बढ़ते दबाव का विरोध, सड़कों और हरियाली को लेकर निवासियों ने जताया रोष
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के Powai और Chandivli इलाके के लोग इन दिनों इलाके में हो रहे अनियोजित विकास से काफी परेशान हैं। रविवार, 2 अगस्त 2026 को बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और कम्युनिटी लीड
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के Powai और Chandivli इलाके के लोग इन दिनों इलाके में हो रहे अनियोजित विकास से काफी परेशान हैं। रविवार, 2 अगस्त 2026 को बड़ी संख्या में स्थानीय निवासी, रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन और कम्युनिटी लीडर्स एक साथ जुटे और विरोध प्रदर्शन किया। लोगों का कहना है कि बिना किसी सही प्लानिंग के जिस तरह से ऊंची इमारतें और कमर्शियल प्रोजेक्ट्स खड़े किए जा रहे हैं, उससे इलाके की सड़कों, फुटपाथ और हरियाली पर बुरा असर पड़ रहा है।
निवासियों ने मांग की है कि प्रशासन सभी FSI और TDR की अनुमति का ब्यौरा सार्वजनिक करे। उनका कहना है कि किसी भी बड़े प्रोजेक्ट को मंजूरी देने से पहले जनता से सलाह ली जानी चाहिए और ट्रैफिक व पर्यावरण पर पड़ने वाले असर की सही जांच होनी चाहिए। लोगों ने BMC, MMRDA, ट्रैफिक पुलिस और अपने जनप्रतिनिधियों से मिलकर काम करने की अपील की है। विरोध कर रहे समूहों ने कानूनी सलाहकारों को भी नियुक्त किया है ताकि पर्यावरण मंजूरी और नियमों की अनदेखी को अदालत में चुनौती दी जा सके।
पर्यावरणविद Debi Goenka ने इस स्थिति पर चिंता जताते हुए कहा कि हर नया टावर या ऑफिस कॉम्प्लेक्स उन्हीं पुरानी सड़कों और ड्रेनेज सिस्टम पर दबाव डालता है, जिससे ट्रैफिक बढ़ता है और हवा की क्वालिटी खराब होती है। वहीं, Kanaya Pursnani ने लोगों को जागरूक रहने की सलाह दी क्योंकि सार्वजनिक सुविधाओं का इस्तेमाल केवल FSI और TDR बढ़ाने के लिए किया जा रहा है। Anoop Khanna ने सवाल उठाया कि जब दूसरी जगह जमीन उपलब्ध है, तो पहले से ही जाम से जूझ रहे इलाके में Global Capability Centre (GCC) जैसा बड़ा प्रोजेक्ट क्यों लाया जा रहा है। उन्होंने फुटपाथों के अवरुद्ध होने के खिलाफ Brookfield के बाहर भूख हड़ताल करने की बात भी कही।
इलाके के पुराने निवासी Rajan Khanna ने बताया कि सड़कों की खराब स्थिति और भीड़भाड़ के कारण अब लोगों का आना-जाना मुश्किल हो गया है। Ashwini Tulzapurkar ने सुझाव दिया कि अधिकारियों को लिखे पत्रों का कोई जवाब नहीं मिला है, इसलिए अब PIL दाखिल करने पर विचार करना चाहिए। Powai ALM की चेयरपर्सन Pamela Cheema ने चेतावनी दी कि अगर जल्द कदम नहीं उठाए गए तो पूरे Powai-Chandivli कॉरिडोर की नागरिक सेवाएं पूरी तरह चरमरा जाएंगी। Sripad Tambe ने जोर दिया कि अब सिर्फ पत्रों से काम नहीं चलेगा और सड़कों पर उतरकर विरोध करना जरूरी है।
निवासियों ने कुछ खास प्रोजेक्ट्स पर आपत्ति जताई है, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:
| प्रोजेक्ट का नाम | विवरण/चिंता |
|---|---|
| Global Capability Centre (GCC) | 30,000 सीटों वाला कॉम्प्लेक्स, मॉल और 30 मल्टीप्लेक्स स्क्रीन |
| MMRDA-SRA प्रोजेक्ट | मिठी नदी पुनर्वास के लिए 11 हाई-डेंसिटी बिल्डिंग्स (3,850 यूनिट्स) |
| Citipark, Haiko और Rodas | इनका डिमोलिशन या पुनर्विकास |
| अन्य विस्तार | IT स्ट्रक्चर, सर्विस अपार्टमेंट और लग्जरी विला का निर्माण |
प्रदर्शनकारियों का यह भी आरोप है कि वर्तमान प्रोजेक्ट्स के लिए जो ट्रैफिक और पर्यावरण रिपोर्ट इस्तेमाल की जा रही हैं, वे 2021 के पुराने डेटा पर आधारित हैं, जो कोविड काल के दौरान के थे और आज की जमीनी हकीकत से बिल्कुल अलग हैं। अब निवासी एक प्रतिनिधिमंडल बनाकर BMC और राज्य पर्यावरण समितियों से मिलेंगे ताकि इन प्रोजेक्ट्स पर तुरंत रोक लगाई जा सके।