Mumbai के Powai और Chandivali में बुनियादी सुविधाओं की कमी पर भड़के लोग, प्रशासन को दी चेतावनी
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के पवई और चांदिवली इलाके के करीब 125 निवासी 2 अगस्त को एक साथ आए और शहर के प्लानर्स को चेतावनी दी। लोगों का कहना है कि उनके इलाके में बिना बुनियादी सुविधाओं के जिस तरह से नए निर्माण कार्य हो रहे
Maharashtra/Mumbai: मुंबई के पवई और चांदिवली इलाके के करीब 125 निवासी 2 अगस्त को एक साथ आए और शहर के प्लानर्स को चेतावनी दी। लोगों का कहना है कि उनके इलाके में बिना बुनियादी सुविधाओं के जिस तरह से नए निर्माण कार्य हो रहे हैं, उसे अब और बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। निवासियों ने आरोप लगाया कि नए प्रोजेक्ट्स की वजह से इलाके की सड़कों और नागरिक सेवाओं पर दबाव बहुत बढ़ गया है।
यह बैठक Powai Action Forum और Powai ALM के बैनर तले आयोजित की गई थी। इसमें प्रस्तावित बड़े कमर्शियल और रेजिडेंशियल प्रोजेक्ट्स के खिलाफ कानूनी रणनीति बनाने पर चर्चा हुई। Powai ALM की चेयरपर्सन Pamela Cheema ने बताया कि पूरे पवई-चांदिवली कॉरिडोर में सड़कों, पैदल चलने वालों की सुविधा, हवा की क्वालिटी और अन्य नागरिक सेवाओं पर बुरा असर पड़ेगा।
निवासियों ने गंभीर आरोप लगाया कि इन प्रोजेक्ट्स के लिए जो ट्रैफिक और पर्यावरण प्रभाव अध्ययन किए गए, उनमें 2021 के कोविड काल के पुराने आंकड़ों का इस्तेमाल किया गया, जो आज की असल स्थिति से बिल्कुल अलग हैं। Rajan Khanna ने कहा कि सड़कों के अवरुद्ध होने से आवाजाही मुश्किल हो गई है। उनका मानना है कि इस मामले में जमीन मालिक, MMRDA, BMC और Brookfield जैसे निजी व्यावसायिक हितों का एक बड़ा नेटवर्क शामिल है।
इलाके के लोग अब कई तरह के कदम उठाने की तैयारी में हैं। Ashwini Tulzapurkar ने बताया कि अधिकारियों को कई पत्र लिखे गए लेकिन कोई जवाब नहीं मिला, इसलिए अब जनहित याचिका (PIL) दायर करने पर विचार किया जा रहा है। इसके अलावा, Anoop Khanna ने घोषणा की कि फुटपाथों को बाधित करने के खिलाफ Brookfield के बाहर भूख हड़ताल की जाएगी।
स्थानीय लोगों की मुख्य मांगें इस प्रकार हैं:
- फुटपाथों को दोबारा ठीक किया जाए।
- FSI और TDR की अनुमतियों का पूरा ब्यौरा दिया जाए।
- नए प्रोजेक्ट्स का सामूहिक पर्यावरण और ट्रैफिक प्रभाव अध्ययन हो।
- बड़ी मंजूरी देने से पहले जनता की राय ली जाए।
इन प्रोजेक्ट्स में एक ग्लोबल कैपेबिलिटी सेंटर, मिठी नदी प्रभावित परिवारों के लिए MMRDA-SRA प्रोजेक्ट और सिटीपार्क का 18 मंजिला इमारत में पुनर्विकास शामिल है। लोगों का कहना है कि यह लड़ाई केवल पवई की नहीं है, बल्कि पूरे मुंबई महानगर क्षेत्र में बढ़ते वर्टिकल घनत्व के खिलाफ एक बड़ा विरोध है।