Mumbai के Powai में BEST बस डिवाइडर से टकराई, 7 यात्री घायल; एक हफ्ते में तीसरा हादसा

Maharashtra/Mumbai: मुंबई के पवई इलाके में गुरुवार सुबह एक BEST इलेक्ट्रिक बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस हादसे में बस में सवार सात यात्री घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए साकीनाका के Paramount Hospital ले जाय

Maharashtra/Mumbai: मुंबई के पवई इलाके में गुरुवार सुबह एक BEST इलेक्ट्रिक बस अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराई। इस हादसे में बस में सवार सात यात्री घायल हो गए, जिन्हें इलाज के लिए साकीनाका के Paramount Hospital ले जाया गया। यह घटना 23 जुलाई 2026 की सुबह करीब 11:05 बजे पवई विहार संकुल के पास हुई।

हादसे के बाद बस ड्राइवर ने बताया कि बाईं ओर से आ रही एक कार की वजह से उसका ध्यान भटका, जिससे बस दाईं ओर मुड़ गई और डिवाइडर से टकरा गई। यह बस रूट A-422/36 पर विक्रोली डिपो से बांद्रा बस स्टेशन (वेस्ट) जा रही थी। BEST अधिकारियों ने इस मामले में जांच शुरू कर दी है और बस इंस्पेक्टर और डिपो मैनेजर को मौके पर भेजा गया है।

मुंबई में BEST बसों के हादसों का सिलसिला थम नहीं रहा है। पिछले एक हफ्ते में यह तीसरा बड़ा हादसा है। इससे दो दिन पहले 20 जुलाई को मानखुर्द में एक बस दुर्घटना में 62 वर्षीय भास्कर रावसाहेब कागड़े की मौत हो गई थी और 10 लोग घायल हुए थे। उसी दिन रात को बोरीवली में भी एक बस डिवाइडर से टकराई थी। इसके अलावा दादर और अंधेरी में भी हाल ही में गंभीर हादसे हुए हैं।

बसों की खराब हालत और ड्राइवरों की लापरवाही पर सवाल उठ रहे हैं। एक जांच में सामने आया कि अप्रैल से जुलाई के बीच जांची गई 2,553 वेट-लीज़ बसों में से करीब 34% (868 बसें) के ब्रेक या स्टीयरिंग सिस्टम में खराबी थी। इनमें से 94 बसों का काम पिछले तीन महीनों से लंबित है।

BEST कमेटी की चेयरपर्सन तृष्णा विश्वासराव ने इस स्थिति पर कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने शुक्रवार को सभी वेट-लीज़ ऑपरेटरों के साथ एक जरूरी बैठक बुलाई है। उन्होंने एक पांच सदस्यीय तकनीकी कमेटी बनाई है जो बसों के रखरखाव, ड्राइवरों के व्यवहार और ट्रेनिंग की निगरानी करेगी। विश्वासराव ने कहा कि वह BEST के अपने बेड़े को बढ़ाना चाहती हैं और 5,000 नई AC इलेक्ट्रिक बसें लाने की योजना है, क्योंकि प्राइवेट ठेके की बसों के मुकाबले अपनी बसों में हादसे कम होते हैं।

प्रशासन ने अब ड्राइवरों के लिए सख्त नियम लागू किए हैं। ड्राइविंग के दौरान मोबाइल फोन इस्तेमाल करने पर पहली बार 1,000 रुपये और दूसरी बार 4,000 रुपये का जुर्माना लगेगा। तीसरी बार गलती करने पर ठेकेदार के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जाएगी।