Mumbai Port के 19 साल पुराने रुके हुए प्रोजेक्ट को दोबारा शुरू करने की तैयारी, आएंगे 2,000 करोड़ रुपये के निवेश
Maharashtra: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी अपने एक पुराने कंटेनर टर्मिनल प्रोजेक्ट को फिर से जीवित करने की कोशिश कर रही है। यह प्रोजेक्ट करीब 19 साल पहले शुरू हुआ था लेकिन किसी वजह से अटक गया था। अब पोर्ट के चेयरमैन अंगमुथु इस प्र
Maharashtra: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी अपने एक पुराने कंटेनर टर्मिनल प्रोजेक्ट को फिर से जीवित करने की कोशिश कर रही है। यह प्रोजेक्ट करीब 19 साल पहले शुरू हुआ था लेकिन किसी वजह से अटक गया था। अब पोर्ट के चेयरमैन अंगमुथु इस प्रोजेक्ट को आगे बढ़ाने के लिए जरूरी कदम उठा रहे हैं, जिससे शहर के बुनियादी ढांचे और व्यापार को मजबूती मिलेगी।
इस प्रोजेक्ट को दोबारा पटरी पर लाने के लिए मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने अटॉर्नी जनरल से राय मांगी है। मामला मुख्य रूप से कार्गो प्रोफाइल यानी वहां किस तरह का सामान लाया और ले जाया जाएगा, उसमें बदलाव करने का है। पोर्ट अथॉरिटी चाहती है कि यहां केवल साफ और गैर-खतरनाक (clean and non-hazardous) सामान ही लाया जाए। अगर अटॉर्नी जनरल इसकी मंजूरी देते हैं, तो इस प्रोजेक्ट में निजी क्षेत्र से 2,000 करोड़ रुपये का नया निवेश आने की उम्मीद है।
चेयरमैन अंगमुथु ने बताया कि अटॉर्नी जनरल की राय मिलने के बाद इस मामले को बोर्ड के सामने रखा जाएगा। इसके बाद पुराने समझौते में बदलाव किया जा सकता है या फिर एक नया सप्लीमेंट्री एग्रीमेंट साइन किया जा सकता है। प्राइवेट ऑपरेटर इस शर्त पर अतिरिक्त 2,000 करोड़ रुपये लगाने को तैयार है कि कार्गो प्रोफाइल में बदलाव किया जाए।
इस पूरे प्रोजेक्ट से जुड़ी मुख्य बातें नीचे दी गई हैं:
| विवरण | जानकारी |
|---|---|
| प्रोजेक्ट का नाम | Indira Container Terminal Pvt Ltd |
| संभावित निवेश | ₹2,000 करोड़ (निजी निवेश) |
| मूल कंपनी | Gammon Infrastructure (अब AJR Infra and Tolling Ltd) |
| वर्तमान निवेशक | Bothra Group और Kakinada Seaports Ltd (48% हिस्सेदारी) |
| मुख्य उद्देश्य | कार्गो प्रोफाइल को बदलकर प्रोजेक्ट को चालू करना |
| निर्णायक भूमिका | अटॉर्नी जनरल की कानूनी राय |
यह प्रोजेक्ट पहले दिवालियापन अदालत (bankruptcy court) तक भी पहुंचा था क्योंकि Canara Bank और अन्य कर्जदाताओं ने अपने पैसे वसूलने के लिए केस किया था। बाद में Bothra Group और Kakinada Seaports Ltd ने पैसा लगाकर कंपनी का कर्ज चुकाया और इसमें अपनी हिस्सेदारी ली। अब इसे पूरी तरह चालू करने की कोशिश की जा रही है।