Maharashtra: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) अपने कामकाज और बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ विजन के तहत मुंबई पोर्ट को 2047 तक एक ग्लोबल मैरीटाइम हब बनाने का लक्ष्य
Maharashtra: मुंबई पोर्ट अथॉरिटी (MbPA) अपने कामकाज और बुनियादी ढांचे को पूरी तरह बदलने की तैयारी में है। केंद्र सरकार के ‘विकसित भारत’ विजन के तहत मुंबई पोर्ट को 2047 तक एक ग्लोबल मैरीटाइम हब बनाने का लक्ष्य रखा गया है। इसके लिए करीब 22,672 करोड़ रुपये के निवेश से ईस्टर्न वॉटरफ्रंट का विकास किया जाएगा, जिससे शहर की कनेक्टिविटी और व्यापारिक क्षमता बढ़ेगी।
मुंबई पोर्ट में क्या-क्या बड़े बदलाव होंगे?
पोर्ट को आधुनिक बनाने के लिए कई प्रोजेक्ट्स पर काम चल रहा है। इसमें जहाजों की आवाजाही को सुरक्षित बनाने के लिए गहराई को 12 मीटर से बढ़ाकर 13.5 मीटर किया जा रहा है। साथ ही, 2029 तक 887 करोड़ रुपये की लागत से ‘विकसित भारत मुंबई मरीना’ तैयार होगा, जो भारत का सबसे बड़ा मरीना होगा। इसके लिए अडानी ग्रुप और L&T जैसी बड़ी कंपनियों ने अपनी बोली लगाई है।
पर्यावरण और बिजली के लिए क्या प्लान है?
मुंबई पोर्ट का लक्ष्य 2040 तक कार्बन न्यूट्रल बनना है। इसके लिए सोलर एनर्जी कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया (SECI) के साथ समझौता हुआ है। पोर्ट ने 1.5 MW का रूफटॉप सोलर प्लांट लगाया है और 3 MW का एक और प्लांट जल्द शुरू होगा। फिलहाल पोर्ट अपनी 90% बिजली टाटा पावर से ग्रीन पावर के रूप में खरीद रहा है। साथ ही, प्रदूषण कम करने के लिए पुराने टग जहाजों की जगह ग्रीन टग टेक्नोलॉजी लाई जाएगी।
कार्गो क्षमता और कनेक्टिविटी में कितनी बढ़ोतरी होगी?
इंटीग्रेटेड पोर्ट मास्टर प्लान 2047 के तहत पोर्ट की क्षमता को बढ़ाकर 100 मिलियन टन प्रति वर्ष (MTPA) करने की योजना है। माल ढोने के लिए नए टर्मिनल बनाए जाएंगे और इंदिरा डॉक का मशीनीकरण होगा। सड़क और रेल संपर्क सुधारने के लिए ऑरेंज गेट को नया रूप दिया जाएगा और कुर्ला-वडला डेडिकेटेड फ्रेट लाइन को फिर से शुरू किया जाएगा। इसके अलावा, 132 करोड़ रुपये की लागत से मैलेट बंडर में एक नया फिश जेटी भी बनाया जा रहा है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई मरीना प्रोजेक्ट कब तक पूरा होगा और इसकी लागत कितनी है?
विकसित भारत मुंबई मरीना प्रोजेक्ट की अनुमानित लागत 887 करोड़ रुपये है और इसे जनवरी 2029 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है।
मुंबई पोर्ट को कार्बन न्यूट्रल बनाने का लक्ष्य क्या है?
मुंबई पोर्ट अथॉरिटी ने 2040 तक पूरी तरह कार्बन न्यूट्रल होने का लक्ष्य रखा है, जिसके लिए सोलर प्लांट और ग्रीन टग टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल किया जा रहा है।