Mumbai में विरोध प्रदर्शन रोकने के लिए पुलिस का नया तरीका, छात्रों से मांगी WhatsApp लाइव लोकेशन

Maharashtra: मुंबई पुलिस इन दिनों छात्रों को विरोध प्रदर्शनों से दूर रखने के लिए डिजिटल निगरानी का सहारा ले रही है। पुलिस न सिर्फ छात्रों के घर जा रही है, बल्कि उनसे WhatsApp पर अपनी लाइव लोकेशन शेयर करने को भी कह रही है

Maharashtra: मुंबई पुलिस इन दिनों छात्रों को विरोध प्रदर्शनों से दूर रखने के लिए डिजिटल निगरानी का सहारा ले रही है। पुलिस न सिर्फ छात्रों के घर जा रही है, बल्कि उनसे WhatsApp पर अपनी लाइव लोकेशन शेयर करने को भी कह रही है। यह सब ‘कॉकरोच जनता पार्टी’ (CJP) के समर्थन में हो रहे प्रदर्शनों को रोकने के लिए किया जा रहा है।

मुंबई पुलिस के मुताबिक, यह एक ‘निवारक उपाय’ है ताकि युवा छात्र बार-बार प्रदर्शनों में शामिल होकर अपना भविष्य खराब न करें और उन पर FIR न दर्ज हो। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि विरोध करना अधिकार है, लेकिन इससे दूसरों के अधिकारों में बाधा नहीं आनी चाहिए। वर्सोवा पुलिस स्टेशन की सीनियर इंस्पेक्टर दीपशिका वारे ने एक प्रदर्शनकारी को WhatsApp के जरिए घर पर रहने और अपनी लाइव लोकेशन भेजने का निर्देश दिया था।

पुलिस की यह कार्रवाई 16 जुलाई 2026 से शुरू हुई थी। 20 जुलाई को पांच या उससे अधिक लोगों के इकट्ठा होने पर रोक लगाने वाले आदेश जारी किए गए थे, जो 23 जुलाई से 6 अगस्त तक लागू हैं। पुलिस अब उन WhatsApp ग्रुप्स पर भी नजर रख रही है जिनमें विदेश में रहने वाले भारतीय छात्र शामिल हैं।

दूसरी तरफ, कानूनी जानकारों और कार्यकर्ताओं ने पुलिस के इस तरीके पर सवाल उठाए हैं। वकील साम्या कोरडे, विक्रांत खारे और लारा जेसानी का कहना है कि लाइव लोकेशन मांगना और घर जाकर दबाव बनाना निजता के अधिकार और घूमने-फिरने की आजादी का उल्लंघन है। उनका तर्क है कि यह भारतीय न्याय संहिता (BNS) और आईटी एक्ट के खिलाफ है।

बीते बुधवार, 22 जुलाई को 400 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया था। कई छात्रों ने आरोप लगाया है कि हिरासत के दौरान उनके फोन की जांच की गई और अब उन पर अवैध निगरानी रखी जा रही है। फिलहाल, इन डिजिटल निगरानी तरीकों के खिलाफ कानूनी चुनौतियां उठाई जा रही हैं।