Maharashtra: मुंबई के मालाड इलाके में पुलिस ने एक ऐसे युवक को बचाया जो फुटपाथ पर भीख मांग रहा था। जांच के बाद पता चला कि वह कोई साधारण भिखारी नहीं बल्कि नांदेड़ का एक मेडिकल छात्र है। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और सामान च
Maharashtra: मुंबई के मालाड इलाके में पुलिस ने एक ऐसे युवक को बचाया जो फुटपाथ पर भीख मांग रहा था। जांच के बाद पता चला कि वह कोई साधारण भिखारी नहीं बल्कि नांदेड़ का एक मेडिकल छात्र है। मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं और सामान चोरी होने की वजह से वह अपने परिवार से बिछड़ गया था। पुलिस की तत्परता से 47 दिनों बाद उसकी अपने परिवार से मुलाकात हुई।
कैसे मिला मेडिकल छात्र और क्या थी वजह
मालाड पुलिस ने सड़कों से भिखारियों को हटाने और उनके पुनर्वास के लिए एक अभियान चलाया था। इसी दौरान कांस्टेबल Komalsingh Jadhav ने अभय सुरेश बेलकोनी नाम के युवक को देखा। वह 25 साल का है और नांदेड़ के तामसा का रहने वाला है। अभय BHMS थर्ड ईयर का छात्र था। पुलिस के मुताबिक, जलगांव जाने वाली ट्रेन में उसका बैग चोरी हो गया था जिसमें उसके पैसे और संपर्क नंबर थे। मानसिक तनाव और बीमारी के कारण वह घर का नंबर भूल गया और सर्वाइवल के लिए भीख मांगने लगा।
पुलिस की कार्रवाई और परिवार का मिलन
महिला पुलिस उप-निरीक्षक Manisha Kagalkar ने बताया कि पहले अभय को नहलाया गया और उसे खाना दिया गया, जिससे उसने पुलिस पर भरोसा किया और अपनी पहचान बताई। इसके बाद सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर Dushyant Chavan और DCP Sandip Ghuge की निगरानी में नांदेड़ के तामसा पुलिस स्टेशन से संपर्क किया गया। वहां एक गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज थी। गुरुवार सुबह 8 बजे अभय को स्टेशन लाया गया और रात 11 बजे उसके पिता Suresh Belkoni और भतीजे Gajanan Belkoni उसे लेने मुंबई पहुंचे।
परिवार की प्रतिक्रिया और पुलिस की मदद
अभय के पिता सुरेश बेलकोनी एक शिक्षक हैं। उन्होंने बताया कि उनका बेटा करीब डेढ़ महीना पहले बिना बताए घर से निकल गया था। परिवार उसे पागलों की तरह ढूंढ रहा था। अपने बेटे को सुरक्षित देखकर पिता ने बहुत राहत महसूस की और मुंबई पुलिस के अधिकारियों को भगवान बताया। पुलिस ने पूरी प्रक्रिया को संवेदनशीलता के साथ पूरा किया ताकि युवक को मानसिक सहारा मिल सके।
Frequently Asked Questions (FAQs)
अभय सुरेश बेलकोनी कौन है और वह मुंबई में कैसे पहुंचा?
अभय नांदेड़ के तामसा का रहने वाला 25 वर्षीय BHMS (मेडिकल) छात्र है। वह मानसिक स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहा था और जलगांव की ट्रेन यात्रा के दौरान उसका सामान चोरी हो गया था, जिसके बाद वह मुंबई की सड़कों पर आ गया।
पुलिस ने अभय की पहचान कैसे की?
मालाड पुलिस की महिला PSI Manisha Kagalkar ने उसे विश्वास में लेकर उसका नाम और शहर पूछा। इसके बाद नांदेड़ के तामसा पुलिस स्टेशन में दर्ज गुमशुदगी की रिपोर्ट के जरिए उसकी पहचान की पुष्टि हुई।