Mumbai में बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर 400 लोग बुक, 13 FIR दर्ज; 6 अगस्त तक लागू रहेंगे प्रतिबंध

Maharashtra/Mumbai: मुंबई पुलिस ने बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पिछले पांच दिनों के भीतर 13 FIR दर्ज की हैं, जिनमें करीब 400 लोगों को आरोपी बनाया गया है। ये प्रदर्शन Cockr

Maharashtra/Mumbai: मुंबई पुलिस ने बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन करने के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने पिछले पांच दिनों के भीतर 13 FIR दर्ज की हैं, जिनमें करीब 400 लोगों को आरोपी बनाया गया है। ये प्रदर्शन Cockroach Janta Party (CJP) के समर्थन में किए गए थे, जो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं।

मुंबई पुलिस ने 18 जुलाई से 22 जुलाई के बीच यह कार्रवाई की। पुलिस के मुताबिक, शहर में विरोध प्रदर्शन के लिए ‘पब्लिक मीटिंग, एजिटेशन एंड प्रोसेशन रूल्स 2025’ का पालन करना जरूरी है। इसके तहत प्रदर्शन केवल आजाद मैदान के तय हिस्से में, वर्किंग डेज में सुबह 9 से शाम 6 बजे तक और अधिकतम 5,000 लोगों की मौजूदगी में ही हो सकते हैं। इसके लिए पुलिस से पहले अनुमति लेना अनिवार्य है।

शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस ने 21 जुलाई को निषेधाज्ञा (prohibitory orders) जारी की थी, जो 23 जुलाई से प्रभावी हो गई है और 6 अगस्त 2026 तक लागू रहेगी। इस दौरान पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने पर रोक है। पुलिस ने आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 189(2), 189(3), 189(5), 223 और महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की धारा 37 और 135 के तहत केस दर्ज किए हैं।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि FIR में नाम आने वाले लोगों को नोटिस जारी किए गए हैं। युवाओं को दोबारा प्रदर्शनों से दूर रखने के लिए पुलिस व्हाट्सएप लाइव लोकेशन, फोन कॉल और घर जाकर संपर्क करने जैसे तरीके अपना रही है। एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि यह कदम इसलिए उठाए जा रहे हैं ताकि युवाओं का भविष्य खराब न हो और उन्हें पासपोर्ट वेरिफिकेशन जैसी प्रक्रियाओं में दिक्कत न आए।

इस बीच, CJP के नेताओं ने कहा कि उनकी मांगें गैर-परक्राम्य हैं और वे शांतिपूर्ण प्रदर्शन जारी रखेंगे। दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक मामलों में त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है, जिसे CJP ने स्वीकार किया है लेकिन शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग पर कायम रहने की बात कही है।