Mumbai में NEET प्रोटेस्ट को लेकर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 5 दिन में 400 लोगों पर केस दर्ज

Maharashtra: मुंबई में NEET परीक्षा की गड़बड़ियों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। पिछले 5 दिनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में विरोध जताने वाले करीब 400 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए

Maharashtra: मुंबई में NEET परीक्षा की गड़बड़ियों के खिलाफ हो रहे प्रदर्शनों के बाद पुलिस ने सख्त कदम उठाए हैं। पिछले 5 दिनों में शहर के अलग-अलग हिस्सों में विरोध जताने वाले करीब 400 लोगों के खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज किए गए हैं। इनमें से ज्यादातर प्रदर्शनकारी 25 साल या उससे कम उम्र के युवा और छात्र हैं।

यह पूरा मामला दिल्ली में Cockroach Janta Party (CJP) के नेतृत्व में शुरू हुए छात्र आंदोलन से जुड़ा है, जिसके समर्थन में मुंबई के छात्रों ने भी सड़क पर उतरकर विरोध जताया था। 18 जुलाई से 22 जुलाई के बीच हुए इन प्रदर्शनों को लेकर मुंबई पुलिस ने कम से कम 13 FIR दर्ज की हैं। पुलिस ने इन लोगों पर गैरकानूनी तरीके से जमा होने, सरकारी आदेशों का उल्लंघन करने और रास्ता रोकने जैसी धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। ये सभी जमानत योग्य अपराध हैं और इनमें अधिकतम दो साल की सजा का प्रावधान है।

पुलिस ने गिरफ्तार करने के बजाय कई लोगों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत नोटिस भेजे हैं, जिनमें से कई नोटिस WhatsApp के जरिए भेजे गए हैं। इसके साथ ही, शहर में शांति बनाए रखने के लिए महाराष्ट्र पुलिस एक्ट की धारा 37 के तहत 23 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) लागू कर दी गई है। अब शहर में 5 या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, बिना अनुमति रैली निकालने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर रोक रहेगी।

इस कार्रवाई पर राजनीतिक प्रतिक्रियाएं भी तेज हैं। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि लोकतांत्रिक अधिकारों और जानबूझकर पैदा की गई अराजकता में फर्क होता है और हिंसा बर्दाश्त नहीं की जाएगी। वहीं, मुंबई यूनिवर्सिटी की सीनेट ने छात्रों के समर्थन में प्रस्ताव पास कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की है। छात्र नेताओं और वकीलों ने पुलिस की इस कार्रवाई को ‘अघोषित आपातकाल’ बताते हुए चिंता जताई है।

दूसरी तरफ, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पेपर लीक जैसे मामलों में दोषियों को कड़ी सजा दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट बनाने की घोषणा की है। दिल्ली में सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल और सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन द्वारा छात्रों पर लाठीचार्ज की निंदा के बाद यह मुद्दा अब राष्ट्रीय स्तर पर चर्चा में है।