Maharashtra: मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अंधेरी के वर्सोवा इलाके से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 765 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में क
Maharashtra: मुंबई पुलिस की एंटी-नारकोटिक्स सेल (ANC) ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए अंधेरी के वर्सोवा इलाके से दो युवकों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 765 ग्राम हेरोइन बरामद हुई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 3.82 करोड़ रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई रविवार, 10 मई 2026 की सुबह खुफिया जानकारी के आधार पर की गई।
कौन हैं गिरफ्तार आरोपी और क्या है उनका काम
गिरफ्तार किए गए लोग उत्तराखंड के रहने वाले हैं। इनमें 32 साल का अरमान अय्यूब मलिक (देहरादून) और 23 साल का दानिश भूरा अली (हरिद्वार) शामिल हैं। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों आरोपी उत्तर भारत में चल रहे एक बड़े ड्रग सिंडिकेट के लिए कूरियर का काम करते थे। इन्हें ड्रग्स की सप्लाई और वितरण के लिए हर महीने 25,000 रुपये वेतन दिया जाता था। ये दोनों आरोपी ड्रग्स पहुंचाने के लिए कई बार मुंबई आ चुके थे।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
यह ऑपरेशन पुलिस कमिश्नर देवेन भारती और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में सीनियर पुलिस इंस्पेक्टर शशिकांत जगदले की टीम ने चलाया। आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 8(c), 21(c) और 29 के तहत मामला दर्ज किया गया है। स्थानीय कोर्ट ने दोनों आरोपियों को 15 मई तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब इस नेटवर्क के मुख्य सप्लायर, फाइनेंसर और स्थानीय वितरकों की तलाश कर रही है ताकि इस पूरे रैकेट को खत्म किया जा सके।
पिछले 10 दिनों में दूसरी बड़ी कामयाबी
मुंबई पुलिस की कांदिवली यूनिट के लिए यह पिछले दस दिनों के भीतर दूसरी बड़ी सफलता है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स की सप्लाई चेन को तोड़ने के लिए जांच जारी है और आने वाले दिनों में कुछ और गिरफ्तारियां हो सकती हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
गिरफ्तार आरोपियों के नाम और पता क्या है?
गिरफ्तार आरोपी अरमान अय्यूब मलिक (32 वर्ष, देहरादून, उत्तराखंड) और दानिश भूरा अली (23 वर्ष, हरिद्वार, उत्तराखंड) हैं।
बरामद हेरोइन की कीमत कितनी है और इसे कहाँ से लाया गया था?
पुलिस ने 765 ग्राम हेरोइन जब्त की है जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 3.82 करोड़ रुपये है। यह ड्रग्स उत्तर भारत के एक बड़े सिंडिकेट द्वारा मुंबई भेजा गया था।