Mumbai में POCSO केस के आरोपी छात्र को NEET re-test के लिए मिली अंतरिम जमानत, कोर्ट ने लगाई कड़ी शर्तें

Maharashtra: मुंबई की एक विशेष POCSO कोर्ट ने तलोजा सेंट्रल जेल में बंद एक 18 साल के छात्र को NEET की दोबारा परीक्षा देने के लिए अस्थायी जमानत दे दी है। कोर्ट ने छात्र को 18 जून से 21 जून 2026 तक के लिए बाहर आने की अनुमत

Maharashtra: मुंबई की एक विशेष POCSO कोर्ट ने तलोजा सेंट्रल जेल में बंद एक 18 साल के छात्र को NEET की दोबारा परीक्षा देने के लिए अस्थायी जमानत दे दी है। कोर्ट ने छात्र को 18 जून से 21 जून 2026 तक के लिए बाहर आने की अनुमति दी है ताकि वह 21 जून को होने वाले मेडिकल एंट्रेंस एग्जाम में शामिल हो सके।

स्पेशल जज S.R. Sharma ने इस मामले में जमानत देते हुए कहा कि छात्र के पास परीक्षा में बैठने के लिए ठोस आधार हैं। कोर्ट ने आदेश दिया है कि छात्र को 50,000 रुपये के बॉन्ड और उतनी ही राशि की जमानत पर रिहा किया जाए। परीक्षा खत्म होने के बाद, उसे 22 जून 2026 को दोपहर 2 बजे तक वापस जेल जाना होगा।

इस मामले में कोर्ट ने कुछ सख्त शर्तें भी रखी हैं। आरोपी छात्र बाहर रहते हुए पीड़ित लड़की से संपर्क नहीं करेगा, सबूतों के साथ छेड़छाड़ नहीं करेगा और किसी भी गवाह को डराने या लालच देने की कोशिश नहीं करेगा। वहीं, पीड़ित लड़की ने भी इस जमानत पर अपनी सहमति दे दी है, लेकिन इस शर्त के साथ कि आरोपी उसके परिवार को बदनाम या धमकी नहीं देगा।

सुनवाई के दौरान आरोपी के वकील कपिल विश्वास जोड्गे ने दलील दी कि कानून का मकसद अपराधी का सुधार करना होता है, इसलिए छात्र को मेडिकल टेस्ट देने का मौका मिलना चाहिए। दूसरी ओर, स्पेशल पब्लिक प्रॉसिक्यूटर चैत्राली पांशिकर ने आरोपों की गंभीरता को देखते हुए जमानत का विरोध किया था और सुझाव दिया था कि छात्र को सिर्फ एक दिन के लिए पुलिस कस्टडी में परीक्षा देने भेजा जाए।

बता दें कि National Testing Agency (NTA) ने पेपर लीक के आरोपों के बाद 3 मई 2026 की परीक्षा रद्द कर दी थी, जिसके बाद अब 21 जून 2026 को NEET-UG की दोबारा परीक्षा आयोजित की जा रही है। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने भी इस परीक्षा की तैयारियों को लेकर वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक की है।