Maharashtra: मुंबई में रविवार और सोमवार को पेट्रोल और डीजल पंपों पर अचानक लंबी कतारें देखी गईं। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से लोगों को डर था कि ईंधन की सप्लाई रुक सकती है या कीमतें बढ़ सकती हैं। प्रधानमंत्री नरे
Maharashtra: मुंबई में रविवार और सोमवार को पेट्रोल और डीजल पंपों पर अचानक लंबी कतारें देखी गईं। पश्चिम एशिया में चल रहे तनाव की वजह से लोगों को डर था कि ईंधन की सप्लाई रुक सकती है या कीमतें बढ़ सकती हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ईंधन बचाने की अपील को कुछ लोगों ने राशनिंग या दाम बढ़ने के संकेत के रूप में लिया, जिससे शहर में अफरा-तफरी मच गई।
क्या वाकई ईंधन की कमी है और सरकार का क्या कहना है?
पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने साफ किया है कि देशभर में ईंधन की कोई कमी नहीं है। तेल सचिव नीरज मित्तल ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है क्योंकि सप्लाई पर्याप्त है और राशनिंग जैसा कोई कदम नहीं उठाया जाएगा। सरकार के पास लगभग 60 दिनों का कच्चा तेल और 45 दिनों का LPG स्टॉक मौजूद है। रिफाइनरियां पूरी क्षमता से काम कर रही हैं।
तेल कंपनियों की स्थिति और सरकार के सुरक्षा उपाय क्या हैं?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें बढ़ने के बावजूद घरेलू दाम स्थिर रखने के लिए IOCL, BPCL और HPCL जैसी कंपनियां भारी नुकसान झेल रही हैं। रिपोर्ट्स के मुताबिक, ये कंपनियां करीब 1,000 करोड़ रुपये रोजाना और पहली तिमाही में 2 लाख करोड़ रुपये का नुकसान उठा रही हैं। सरकार ने ईंधन की सुरक्षा के लिए कई कदम उठाए हैं:
| संसाधन |
स्टॉक की अवधि |
| कच्चा तेल (Crude Oil) |
60 दिन |
| प्राकृतिक गैस (Natural Gas) |
60 दिन |
| LPG रोलिंग स्टॉक |
45 दिन |
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने भी बैठक के बाद भरोसा दिलाया कि भारत पेट्रोलियम उत्पादों के मामले में सुरक्षित है। वहीं, महाराष्ट्र सरकार ने कालाबाजारी और जमाखोरी रोकने के लिए सख्ती बढ़ा दी है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या भारत में पेट्रोल और डीजल की राशनिंग होने वाली है?
नहीं, तेल सचिव नीरज मित्तल ने स्पष्ट किया है कि देश में ईंधन की पर्याप्त आपूर्ति है और राशनिंग लागू करने का कोई इरादा नहीं है।
मुंबई में पंपों पर भीड़ क्यों बढ़ी थी?
पश्चिम एशिया संघर्ष के कारण ईंधन की किल्लत और कीमतों में बढ़ोतरी की आशंका के चलते लोग ज्यादा स्टॉक जमा करने लगे थे।