Maharashtra : दक्षिण मुंबई के धोबी तालाब इलाके में स्थित People’s Free Reading Room and Library इन दिनों चर्चा में है। 181 साल पुरानी यह लाइब्रेरी अब एक स्टडी हॉल की तरह काम कर रही है। यहाँ पुरानी और दुर्लभ किताबों के बज
Maharashtra : दक्षिण मुंबई के धोबी तालाब इलाके में स्थित People’s Free Reading Room and Library इन दिनों चर्चा में है। 181 साल पुरानी यह लाइब्रेरी अब एक स्टडी हॉल की तरह काम कर रही है। यहाँ पुरानी और दुर्लभ किताबों के बजाय छात्र अपने लैपटॉप और कोर्स की किताबें लेकर पढ़ने आते हैं।
लाइब्रेरी की मौजूदा हालत और छात्रों का रुझान क्या है?
लाइब्रेरी में शाहनामा और पंच कॉमिक्स जैसी दुर्लभ किताबें मौजूद हैं, लेकिन उन्हें अब बहुत कम लोग पढ़ते हैं। लाइब्रेरियन गुलशन एफ कूपर ने बताया कि छात्र यहाँ अपनी किताबें लेकर आते हैं और पढ़ाई करते हैं। परीक्षा के समय यहाँ छात्रों की संख्या 500 तक पहुँच जाती है। लोग अब कागजी किताबों के बजाय इलेक्ट्रॉनिक मैगजीन और अखबार पढ़ना ज्यादा पसंद करते हैं।
मेंबरशिप फीस और लाइब्रेरी के नियम क्या हैं?
लाइब्रेरी में अलग-अलग मेंबरशिप स्कीम हैं, जिनकी जानकारी नीचे दी गई है:
| स्कीम/सुविधा |
फीस/नियम |
| स्टूडेंट कॉर्नर (1 महीना) |
200 रुपये |
| स्टूडेंट कॉर्नर (3 महीने) |
500 रुपये |
| स्टूडेंट कॉर्नर (6 महीने) |
1,000 रुपये |
| न्यूनतम मेंबरशिप फीस |
90 रुपये से शुरू |
| किताब उधार लेने की अवधि |
अधिकतम 15 दिन |
| समय (सोमवार से शनिवार) |
सुबह 9:00 से शाम 7:00 बजे तक |
| समय (रविवार) |
सुबह 9:00 से दोपहर 1:00 बजे तक |
लाइब्रेरी को चलाने के लिए कैसे जुट रहे हैं फंड?
इस लाइब्रेरी को चलाने के लिए समय-समय पर आर्थिक मदद की अपील की जाती है। हाल ही में स्वर्गीय हर्षाबेन पारेख ने अपनी वसीयत में 35 लाख रुपये दान किए हैं, जिसे ट्रस्ट के चेयरमैन जेरी पिंटो ने संस्थान के लिए एक बड़ा सहारा बताया है। इससे पहले 2018 और कोविड महामारी के दौरान भी फंड जुटाने की कोशिशें की गई थीं। लाइब्रेरी की इमारत Framjee Cowasjee Institute का हाल ही में रंग-रोगन और मरम्मत का काम भी पूरा हुआ है।