Maharashtra: मुंबई के ओपेरा हाउस इलाके में एक 90 साल के बुजुर्ग स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynaecologist) ने अपने मकान मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर का कहना है कि उन्हें उनके अपने ही घर से निकालने के लिए लगातार परेशान क
Maharashtra: मुंबई के ओपेरा हाउस इलाके में एक 90 साल के बुजुर्ग स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynaecologist) ने अपने मकान मालिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं। डॉक्टर का कहना है कि उन्हें उनके अपने ही घर से निकालने के लिए लगातार परेशान किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि वह बस अपने घर में शांति से रहना चाहते हैं। यह मामला मुंबई के पुराने ‘पगड़ी सिस्टम’ से जुड़ा है, जहां किराएदारों और मकान मालिकों के बीच अक्सर विवाद होते रहते हैं।
पगड़ी सिस्टम क्या है और इसमें किराएदारों के क्या अधिकार हैं?
पगड़ी सिस्टम महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल एक्ट 1999 के तहत कानूनी है। इसमें किराएदार एक बड़ी रकम देकर घर में रहने का अधिकार पाते हैं और उन्हें जीवनभर के लिए रहने की सुविधा मिलती है। मकान मालिक अपनी मर्जी से किराया नहीं बढ़ा सकते और न ही आसानी से किराएदार को निकाल सकते हैं। जब किसी पुरानी बिल्डिंग का पुनर्विकास (Redevelopment) होता है, तो डेवलपर्स को किराएदार को उसी के बराबर या उससे बड़ा घर बिना किसी अतिरिक्त खर्च के देना होता है।
सरकार और राजनीतिक दलों का इस पर क्या कहना है?
उपमुख्यमंत्री Eknath Shinde ने घोषणा की है कि सरकार एक नया फ्रेमवर्क ला रही है ताकि मकान मालिकों और किराएदारों के विवाद सुलझ सकें। मुंबई में लगभग 19,000 पगड़ी बिल्डिंगें हैं, जिनमें से 13,000 का पुनर्विकास होना बाकी है। विवादों को जल्दी सुलझाने के लिए फास्ट ट्रैक कोर्ट बनाने की योजना है। वहीं, शिव सेना (UBT) नेता Aaditya Thackeray ने इस नीति की आलोचना की है। उनका कहना है कि यह सरकार मकान मालिकों और बिल्डरों को फायदा पहुंचाने के लिए किराएदारों को निकालने की साजिश है।
किरायेदारों को बेदखल करने के कानूनी नियम क्या हैं?
महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल एक्ट के अनुसार, किसी भी पगड़ी किराएदार को बिना ठोस कानूनी कारण के नहीं निकाला जा सकता। बेदखली के लिए किराया न देना, संपत्ति का गलत इस्तेमाल करना या मकान मालिक की वास्तविक जरूरत जैसे कारण होने चाहिए। इन सभी स्थितियों में भी मकान मालिक को कोर्ट से आदेश लेना जरूरी होता है। पगड़ी एकता संघ के मुताबिक, कई बार मकान मालिक पुनर्विकास के नाम पर किराएदारों पर दबाव बनाते हैं और कोर्ट में केस कर देते हैं।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या पगड़ी सिस्टम में रहने वाले किराएदारों को घर से निकाला जा सकता है?
नहीं, महाराष्ट्र रेंट कंट्रोल एक्ट 1999 के तहत इन्हें आसानी से नहीं निकाला जा सकता। बेदखली के लिए कोर्ट का आदेश और ठोस कानूनी कारण जैसे किराया न देना या संपत्ति का दुरुपयोग करना जरूरी है।
पुनर्विकास (Redevelopment) के समय पगड़ी किराएदारों को क्या मिलता है?
नियमों के अनुसार, पुनर्विकास के दौरान किराएदारों को उसी बिल्डिंग में उनके पुराने घर के बराबर या उससे बड़ा घर बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के मिलना अनिवार्य है।