Mumbai में NEET प्रोटेस्ट के दौरान 400 से ज्यादा छात्र डिटेन, आदित्य ठाकरे ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर कराया रिहा

Maharashtra: मुंबई में NEET परीक्षा की धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 400 से ज्यादा छात्रों और प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई चेंबूर और शिवाजी पार्क जैसे इलाकों में हुई जहां लोग इकट्ठा होकर

Maharashtra: मुंबई में NEET परीक्षा की धांधली के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे 400 से ज्यादा छात्रों और प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। यह कार्रवाई चेंबूर और शिवाजी पार्क जैसे इलाकों में हुई जहां लोग इकट्ठा होकर विरोध जता रहे थे। इस बीच शिवसेना (UBT) नेता आदित्य ठाकरे ने पुलिस स्टेशन पहुंचकर हस्तक्षेप किया, जिसके बाद हिरासत में लिए गए लोगों को छोड़ दिया गया।

पुलिस ने यह कार्रवाई उन लोगों के खिलाफ की जिन्होंने शहर में लागू निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) का उल्लंघन किया था। मुंबई पुलिस ने 23 जुलाई से 6 अगस्त तक के लिए धारा 144 जैसे आदेश लागू किए हैं, जिसके तहत पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने और बिना अनुमति प्रदर्शन करने पर रोक है। पुलिस ने करीब 300 लोगों को व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भी भेजे हैं, जिसमें उन्हें जांच अधिकारी के सामने पेश होने को कहा गया है।

इस विरोध प्रदर्शन में छात्रों के साथ-साथ उनके माता-पिता, युवा कार्यकर्ता और वरिष्ठ नागरिक भी शामिल थे। अभिनेत्री आयशा खान ने भी दावा किया कि वर्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन के दौरान उन्हें डिटेन किया गया था। वहीं, कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल और विजय वडेट्टीवार समेत कई बड़े नेता भी दक्षिण मुंबई में प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लिए गए और उन्हें कोलाबा पुलिस स्टेशन ले जाया गया।

राजनीतिक स्तर पर इस मुद्दे पर अलग-अलग राय सामने आई है। बीजेपी नेता चंद्रशेखर बावनकुले ने इन प्रदर्शनों को एक राजनीतिक स्टंट बताया है। दूसरी तरफ, आदित्य ठाकरे और एमएनएस नेता अमित ठाकरे ने मिलकर छात्रों का समर्थन किया। आदित्य ठाकरे ने अब 24 जुलाई को छत्रपति शिवाजी महाराज पार्क में ‘वन नेशन, वन इमोशन’ नाम से एक शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन बुलाया है, ताकि छात्रों की समस्याओं को सरकार तक पहुंचाया जा सके।

इस पूरे मामले में दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर सुप्रीम कोर्ट बार एसोसिएशन (SCBA) ने भी कड़ी नाराजगी जताई है और इसकी निष्पक्ष जांच की मांग की है। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा है, क्योंकि उनका आरोप है कि NEET का पेपर लीक हुआ था।