Mumbai में NEET परीक्षा विवाद पर बवाल, हजारों छात्रों ने किया प्रदर्शन, 400 लोगों पर FIR

Maharashtra: मुंबई में NEET परीक्षा की गड़बड़ियों के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। बुधवार को शिवाजी पार्क और चेंबूर में हजारों की संख्या में छात्र, युवा प्रोफेशनल और एक्टिविस्ट जमा हुए। पुलिस की भारी

Maharashtra: मुंबई में NEET परीक्षा की गड़बड़ियों के खिलाफ शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन अब और तेज हो गया है। बुधवार को शिवाजी पार्क और चेंबूर में हजारों की संख्या में छात्र, युवा प्रोफेशनल और एक्टिविस्ट जमा हुए। पुलिस की भारी तैनाती के बावजूद यह अब तक का सबसे बड़ा प्रदर्शन था, जहां प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उन्हें कार्यक्रम स्थल तक पहुंचने से पहले ही रोक लिया था।

मुंबई पुलिस ने इस स्थिति से निपटने के लिए सख्त कदम उठाए हैं। पुलिस ने 23 जुलाई से 6 अगस्त 2026 तक निषेधाज्ञा (Prohibitory Orders) लागू कर दी है। महाराष्ट्र पुलिस एक्ट, 1951 की धारा 37 के तहत जारी इन आदेशों के मुताबिक, पांच या उससे ज्यादा लोगों के इकट्ठा होने, बिना अनुमति के प्रदर्शन करने, रैली निकालने और लाउडस्पीकर के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। पुलिस का कहना है कि ये प्रदर्शन बिना अनुमति के थे और नियमों का उल्लंघन कर रहे थे।

पुलिस की कार्रवाई के दौरान शिवाजी पार्क से 200 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया, जिनकी जानकारी दर्ज करने के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। चेंबूर में भी करीब 25-30 लोगों को हिरासत में लेकर पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जिन्हें बाद में आदित्य ठाकरे और अमित ठाकरे जैसे नेताओं के हस्तक्षेप के बाद रिहा किया गया। इसके अलावा, कांग्रेस नेता हर्षवर्धन सपकाल, विजय वडेट्टीवार और नसीम खान को भी भाजपा कार्यालय की ओर मार्च करने की कोशिश के दौरान हिरासत में लिया गया था।

कानूनी कार्रवाई की बात करें तो 18 जुलाई से अब तक कम से कम 13 FIR दर्ज की गई हैं, जिनमें करीब 400 लोगों को नामजद किया गया है। इन पर गैरकानूनी सभा करने और सरकारी आदेशों की अवहेलना के आरोप हैं। कई लोगों को भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 35(3) के तहत व्हाट्सएप के जरिए नोटिस भेजकर कोर्ट में पेश होने को कहा गया है। पुलिस के आंकड़ों के अनुसार, FIR में नामजद आधे से ज्यादा लोग 25 साल से कम उम्र के हैं और उनमें एक तिहाई महिलाएं हैं।

पुलिस अब प्रदर्शनकारियों को रोकने के लिए निगरानी और डोरस्टेप चेकिंग का सहारा ले रही है। खबर है कि पुलिस संदिग्ध लोगों के घर जा रही है और उन्हें फोन या मैसेज भेजकर नए प्रदर्शनों में शामिल न होने की सलाह दे रही है। इस पूरे विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) कर रही है, जिसमें SFI, AISF और छात्र भारती जैसे संगठन भी शामिल हैं।