Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल NDPS कोर्ट ने 2 करोड़ रुपये के हशीश ड्रग्स मामले में पकड़े गए एक आरोपी शाहरुख शेख को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पाया कि पुलिस ने कानून के नियमों का पालन नहीं किया और आरोपी क
Maharashtra: मुंबई की एक स्पेशल NDPS कोर्ट ने 2 करोड़ रुपये के हशीश ड्रग्स मामले में पकड़े गए एक आरोपी शाहरुख शेख को तुरंत रिहा करने का आदेश दिया है। कोर्ट ने पाया कि पुलिस ने कानून के नियमों का पालन नहीं किया और आरोपी को तय समय के अंदर मजिस्ट्रेट के सामने पेश नहीं किया। इसी वजह से कोर्ट ने उसकी गिरफ्तारी को गैरकानूनी करार दिया।
क्या था पूरा मामला और क्यों हुई रिहाई?
Customs की Special Intelligence and Investigation Branch (SIIB) ने दादर के भोईवाड़ा इलाके में शाहरुख शेख को उसके घर से पकड़ा था। आरोप था कि उसने आधार कार्ड का इस्तेमाल कर हितेंद्र जैन के नाम का एक पार्सल लेने की कोशिश की थी, जबकि नाम और पता मैच नहीं कर रहे थे। इस पार्सल में साबुन के डिब्बों के अंदर करीब 1.6 किलो हशीश छिपा था, जिसकी कीमत 2 करोड़ रुपये बताई गई। हालांकि, शाहरुख को मंगलवार सुबह पकड़ा गया था, लेकिन उसे बुधवार को कोर्ट में पेश किया गया।
कोर्ट ने 24 घंटे वाले नियम पर क्या कहा?
कोर्ट ने साफ किया कि किसी भी व्यक्ति की आजादी तब से सीमित मान ली जाती है जब उसे इंटरसेप्ट या हिरासत में लिया जाता है। भारतीय संविधान के Article 22(2) और BNSS की धारा 58 के मुताबिक, गिरफ्तार व्यक्ति को 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना जरूरी है। सरकारी वकील आर.के. पाठक ने न्यायिक हिरासत की मांग की थी, लेकिन वकील अरुण गुप्ता ने दलील दी कि समय सीमा का उल्लंघन हुआ है। कोर्ट ने इस बात को खारिज कर दिया कि पूछताछ या मेडिकल जांच के समय को 24 घंटे की गिनती से बाहर रखा जा सकता है।
ऐसे मामलों में पहले भी मिले हैं फैसले
मुंबई की NDPS कोर्ट में ऐसे कई मामले सामने आए हैं जहां देरी से पेश करने पर आरोपियों को राहत मिली है। 9 जून 2026 को भी एक महिला को हाइड्रोपोनिक गांजे के मामले में अवैध हिरासत के कारण जमानत मिली थी। इसके अलावा पंजाब-हरियाणा और तेलंगाना हाई कोर्ट ने भी अपने फैसलों में कहा है कि 24 घंटे की गिनती औपचारिक गिरफ्तारी से नहीं, बल्कि व्यक्ति को हिरासत में लेने के समय से शुरू होती है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
कानून के मुताबिक गिरफ्तार व्यक्ति को कितने समय में कोर्ट में पेश करना होता है?
भारतीय कानून और संविधान के अनुसार, किसी भी गिरफ्तार व्यक्ति को यात्रा के समय को छोड़कर 24 घंटे के भीतर मजिस्ट्रेट के सामने पेश करना अनिवार्य होता है।
शाहरुख शेख को कोर्ट ने क्यों रिहा किया?
शाहरुख शेख को मंगलवार सुबह पकड़ा गया था लेकिन बुधवार को पेश किया गया। कोर्ट ने माना कि उसे 24 घंटे के भीतर पेश नहीं किया गया, इसलिए उसकी गिरफ्तारी गैरकानूनी थी।