Maharashtra: मुंबई में नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Narcotics Control Bureau (NCB) ने एक पुराने अपराधी राहुल शेडगे (Rahul Shedge) को हिरासत में लिया है। राहुल को PIT-NDPS एक्ट के तहत पकड़ा गय
Maharashtra: मुंबई में नशीले पदार्थों के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए Narcotics Control Bureau (NCB) ने एक पुराने अपराधी राहुल शेडगे (Rahul Shedge) को हिरासत में लिया है। राहुल को PIT-NDPS एक्ट के तहत पकड़ा गया है और उसे तलोजा सेंट्रल जेल (Taloja Central Prison) भेज दिया गया है। यह कार्रवाई ड्रग्स के संगठित नेटवर्क को खत्म करने के लिए की गई है।
कौन है राहुल शेडगे और क्यों हुई गिरफ्तारी?
राहुल शेडगे एक आदतन अपराधी है जो कई सालों से ड्रग्स तस्करी में शामिल रहा है। उसे पहले भी NCB और DRI जैसी एजेंसियों ने चार बार गिरफ्तार किया था। राहुल को केमिस्ट्री की अच्छी जानकारी है, जिसका इस्तेमाल वह ड्रग्स बनाने के लिए करता था। वह 2009 से ही कानून की नजर में था, जब उसे पहली बार कई तरह के नशीले पदार्थों की तस्करी के आरोप में पकड़ा गया था।
पुराने केस और जेल जाने की वजह
राहुल कई बार जेल जा चुका है, लेकिन जमानत मिलने के बाद वह फिर से गलत कामों में लग गया। 2012 में उसे केटामाइन (Ketamine) तस्करी के मामले में पकड़ा गया और 2018 में ड्रग्स बनाने की कोशिश के आरोप में DRI ने उसे गिरफ्तार किया। साल 2025 में उसने रायगढ़ जिले में एक केमिकल लैब बनाई थी ताकि वह केटामाइन बनाने की प्रक्रिया को अंजाम दे सके। इसी वजह से भारत सरकार के PIT-NDPS डिवीजन के जॉइंट सेक्रेटरी ने 14 मई 2026 को उसके खिलाफ हिरासत का आदेश जारी किया था।
NCB की कार्रवाई का पूरा ब्योरा
NCB मुंबई की टीम ने 27 मई 2026 को राहुल शेडगे को पकड़ा और उसी दिन उसे तलोजा जेल में दाखिल कर दिया। अधिकारियों का कहना है कि वह जमानत मिलने के बाद भी अपनी अवैध गतिविधियां जारी रखे हुए था, इसलिए उसे रोकने के लिए यह सख्त कदम उठाया गया है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
राहुल शेडगे को किस कानून के तहत पकड़ा गया है?
राहुल शेडगे को PIT-NDPS एक्ट, 1988 के तहत हिरासत में लिया गया है। यह एक प्रिवेंटिव मेज़र है ताकि वह दोबारा ड्रग्स तस्करी में शामिल न हो सके।
राहुल शेडगे का पिछला रिकॉर्ड क्या रहा है?
वह 2009 से ड्रग्स तस्करी में शामिल है और NCB व DRI द्वारा चार बार गिरफ्तार किया जा चुका है। वह रायगढ़ में ड्रग्स बनाने के लिए केमिकल लैब भी चलाता था।