Maharashtra: मुंबई-नाशिक हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। ठाणे के Kharegaon में करीब नौ साल के अंतराल के बाद फिर से टोल वसूली शुरू होने जा रही है। यह फैसला Majiwada-Wadpe हाईवे चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के पूरा हो
Maharashtra: मुंबई-नाशिक हाईवे पर सफर करने वालों के लिए एक बड़ी खबर है। ठाणे के Kharegaon में करीब नौ साल के अंतराल के बाद फिर से टोल वसूली शुरू होने जा रही है। यह फैसला Majiwada-Wadpe हाईवे चौड़ीकरण प्रोजेक्ट के पूरा होने के करीब पहुंचने के बाद लिया गया है।
टोल वसूली क्यों शुरू हो रही है और क्या है प्रोजेक्ट?
MSRDC द्वारा चलाए जा रहे Majiwada-Wadpe प्रोजेक्ट में हाईवे को 4 लेन से बढ़ाकर 8 या 12 लेन किया गया है। इसे सीमेंट कंक्रीट रोड बनाया गया है और साथ में सर्विस रोड भी जोड़े गए हैं। इस पूरे प्रोजेक्ट की लागत लगभग 1,182.87 करोड़ रुपये है, जिसकी रिकवरी के लिए NHAI अब टोल वसूलने की तैयारी कर रहा है। हाल ही में 29 अप्रैल 2026 को नया Kharegaon Creek Bridge भी यातायात के लिए खोल दिया गया है।
स्थानीय लोगों के लिए क्या नियम होंगे?
टोल शुरू होने की खबर से MNS और NCP (शरदचंद्र पवार गुट) जैसी पार्टियां विरोध कर रही हैं। उनकी मांग है कि स्थानीय निवासियों को टोल से छूट मिले। इस पर विचार किया जा रहा है कि 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले रजिस्टर्ड निजी वाहनों को टोल टैक्स नहीं देना होगा। Kharegaon में 38 लेन वाला एक बड़ा टोल प्लाजा बनाने की योजना है, जिसे MEP Infrastructure Developers ऑपरेट करेगा।
पेमेंट के तरीके और नए जुर्माने के नियम
अब टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट पूरी तरह बंद है और सिर्फ FASTag या UPI से ही भुगतान होगा। साथ ही, सरकार GPS-आधारित टोल सिस्टम की ओर बढ़ रही है। अगर कोई यूजर टोल नहीं चुकाता है, तो उसे ई-नोटिस भेजा जाएगा। 72 घंटे के भीतर भुगतान न करने पर तय टोल राशि से दोगुना जुर्माना देना होगा।
| विवरण |
जानकारी |
| FASTag वार्षिक पास (2026-27) |
₹3075 |
| प्रोजेक्ट की कुल लागत |
₹1,182.87 करोड़ |
| प्रोजेक्ट की लंबाई |
23.8 किमी से 28.8 किमी |
| पेमेंट मोड |
FASTag / UPI (कैश बंद) |
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या स्थानीय लोगों को टोल से छूट मिलेगी?
NHAI इस बात पर विचार कर रहा है कि टोल प्लाजा के 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले रजिस्टर्ड निजी वाहनों को टैक्स से छूट दी जाए।
अगर टोल का भुगतान समय पर नहीं किया तो क्या होगा?
नियमों के अनुसार, गैर-भुगतान पर ई-नोटिस मिलेगा। यदि 72 घंटे के अंदर भुगतान नहीं किया गया, तो टोल की दोगुनी राशि जुर्माने के रूप में चुकानी होगी।