Mumbai में मुहर्रम जुलूस में जहर मिलाने की साजिश, 2015 के चुनाव में हार के बाद आरोपी ने रची योजना

Maharashtra: दक्षिण मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान लोगों को जहरीले कैप्सूल बांटने की कोशिश करने वाले पुणे के फैयाज प्रेमजी की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी साल 20

Maharashtra: दक्षिण मुंबई में मुहर्रम के जुलूस के दौरान लोगों को जहरीले कैप्सूल बांटने की कोशिश करने वाले पुणे के फैयाज प्रेमजी की गिरफ्तारी के बाद चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी साल 2015 में अपने समुदाय के चुनाव हार गया था, जिसके बाद उसने अपने ही धर्म के लोगों के खिलाफ नफरत पाल ली थी।

मुंबई पुलिस ने 27 जून 2026 की सुबह री रोड इलाके में रहमतआबाद कब्रिस्तान के पास फैयाज प्रेमजी को उस वक्त पकड़ा जब वह लोगों को कैप्सूल बांट रहा था। इस दौरान सलमान सय्यद नाम के व्यक्ति ने कैप्सूल खा लिया था, जिससे उसकी तबीयत बिगड़ गई। हबीब हॉस्पिटल ट्रस्ट के चेयरमैन जावेद श्रॉफ ने बताया कि चार लोग बीमार हुए थे, लेकिन अब वे खतरे से बाहर हैं।

पुलिस के मुताबिक, 39 साल के फैयाज प्रेमजी ने पूछताछ में बताया कि 2015 के जमात चुनाव में हारने के बाद उसे लगा कि उसके सुधारवादी विचारों को कोई समर्थन नहीं मिल रहा है। इसी वजह से उसने खुद को खोजा शिया समुदाय से अलग कर लिया। पुलिस को शक है कि वह मानसिक रूप से परेशान था और उसका मानना था कि समुदाय के कुछ लोगों ने उसकी जिंदगी मुश्किल कर दी थी।

इस मामले में पुणे खोजा शिया इस्ना अशरी जमात (KSIJ) ने कड़ा रुख अपनाया है। 28 जून को एक बैठक कर जमात ने फैयाज प्रेमजी को संगठन से बाहर कर दिया और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की। जमात का कहना है कि उसने समुदाय के हितों को नुकसान पहुँचाया और ट्रस्टियों को बदनाम किया।

फिलहाल कोर्ट ने प्रेमजी की पुलिस हिरासत 4 जुलाई तक बढ़ा दी है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि क्या इस साजिश के पीछे कोई आतंकी एंगल है, क्योंकि आरोपी ने ईरान और इराक की यात्रा की थी। साथ ही, पुलिस उसके बैंक स्टेटमेंट और जिंक फॉस्फाइड (जहर) के ऑनलाइन ऑर्डर के डिजिटल सबूत भी जुटा रही है।