Maharashtra: मुंबई में 6 जून 2026 को शुरू हुए नए Mrinaltai Gore फ्लाईओवर को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। उद्घाटन के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए जिनमें सड़क की सतह ऊबड़-खाबड़ और बिटुमेन (डामर) पिघला हु
Maharashtra: मुंबई में 6 जून 2026 को शुरू हुए नए Mrinaltai Gore फ्लाईओवर को लेकर लोगों में काफी गुस्सा है। उद्घाटन के तुरंत बाद सोशल मीडिया पर कुछ वीडियो वायरल हुए जिनमें सड़क की सतह ऊबड़-खाबड़ और बिटुमेन (डामर) पिघला हुआ दिख रहा है। 248 करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्रोजेक्ट में देरी और अब इसकी क्वालिटी पर सवाल उठ रहे हैं।
फ्लाईओवर की हालत पर BMC और मेयर ने क्या कहा?
मुंबई मेयर Ritu Tawde ने 9 जून को फ्लाईओवर का निरीक्षण किया। उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर क्वालिटी ठीक है लेकिन कुछ जगहों पर सतह की खामियों को सुधारने और साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए गए हैं। BMC ने सफाई दी कि नई मस्टिक डामर वाली सड़क शुरू में ऐसी ही दिखती है और गाड़ियों के चलने से यह अपने आप बराबर हो जाएगी। BMC का दावा है कि निर्माण में Indian Roads Congress के नियमों का पालन किया गया है और इसमें कोई स्ट्रक्चरल खराबी नहीं है।
विशेषज्ञों की राय और विपक्ष की मांग क्या है?
जहां BMC इसे सामान्य बता रही है, वहीं कुछ एक्सपर्ट्स जैसे Giresh Arekar और Biju Augustin का मानना है कि ये खामियां काम में लापरवाही की ओर इशारा करती हैं। उनका कहना है कि सड़क को जल्दबाजी में खोला गया है। दूसरी तरफ Shiv Sena UBT, NCP (SP) और Congress जैसे विपक्षी दलों ने इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है। विशेषज्ञों का कहना है कि सड़क की असली क्वालिटी का पता मानसून की बारिश के बाद ही चलेगा।
प्रोजेक्ट की मुख्य बातें क्या हैं?
- कुल लागत: ₹248 करोड़
- उद्घाटन की तारीख: 6 जून 2026
- मुख्य समस्या: सड़क का ऊबड़-खाबड़ होना और बिटुमेन का पिघलना
- प्रशासन का दावा: नियमित ट्रैफिक से सड़क चिकनी हो जाएगी
Frequently Asked Questions (FAQs)
Mrinaltai Gore फ्लाईओवर में क्या समस्या बताई जा रही है?
सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो में फ्लाईओवर की सड़क ऊबड़-खाबड़ दिख रही है और ऐसा लग रहा है कि डामर (bitumen) पिघल रहा है या सड़क अंदर धंस रही है।
BMC ने सड़क की इस हालत पर क्या सफाई दी है?
BMC के अनुसार नई मस्टिक डामर वाली सड़कों पर पत्थर के टुकड़े घर्षण (friction) के लिए डाले जाते हैं और ट्रैफिक बढ़ने पर सतह अपने आप बराबर हो जाती है।