Mumbai में बारिश और जलजमाव पर विवाद, Shobhaa De ने उठाए सवाल तो CM Fadnavis ने दिया जवाब

Maharashtra: मुंबई में हर साल होने वाली भारी बारिश और उसके बाद शहर के थम जाने को लेकर अब राजनीतिक बहस छिड़ गई है। मशहूर लेखिका Shobhaa De ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं, वहीं मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने विधा

Maharashtra: मुंबई में हर साल होने वाली भारी बारिश और उसके बाद शहर के थम जाने को लेकर अब राजनीतिक बहस छिड़ गई है। मशहूर लेखिका Shobhaa De ने सरकार की तैयारियों पर सवाल उठाए हैं, वहीं मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने विधानसभा में इन आरोपों का जवाब देते हुए सरकार के काम का बचाव किया है।

Shobhaa De ने अपने लेख में कहा कि मुंबई में मानसून एक सालाना घटना है, फिर भी शहर हर बार डूब जाता है। उन्होंने BMC के पास जमा 78,000 करोड़ रुपये की FD पर सवाल उठाते हुए कहा कि इस पैसे का इस्तेमाल शहर को बचाने के लिए होना चाहिए था। साथ ही उन्होंने 6,695 करोड़ रुपये की लागत वाले ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट को एक बड़ी गलती बताया, जो शुरू होने से पहले ही मुश्किलों में घिर गया। इस प्रोजेक्ट के दौरान एक लैंडस्लाइड हुआ था, जिसे 24 साल के Sandesh Kharat ने SOS बटन दबाकर एक बड़े हादसे में बदलने से रोका।

दूसरी तरफ, मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis ने 8 जुलाई को विधानसभा में सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने कहा कि सरकार बाढ़ प्रबंधन और बुनियादी ढांचे को सुधारने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने बताया कि BRIMSTOWAD ड्रेनेज मास्टर प्लान के बचे हुए काम को अगले दो साल में पूरा कर लिया जाएगा। इसके अलावा, 370 संवेदनशील इलाकों के लिए 13,000 करोड़ रुपये का एक प्रस्ताव केंद्र सरकार को भेजा गया है, ताकि हाई टाइड के दौरान भी पानी 30 मिनट में निकल सके।

CM Fadnavis ने ‘Missing Link’ प्रोजेक्ट को इंजीनियरिंग का कमाल बताया और कहा कि बड़े प्रोजेक्ट्स में शुरुआती चुनौतियां आती हैं। उन्होंने बताया कि IIT के एक्सपर्ट्स से सलाह ली गई है और उनके सुझावों के मुताबिक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए जाएंगे। उन्होंने यह भी साफ किया कि जुलाई के पहले हफ्ते में कोलबा और संताक्रुज में औसत से कहीं ज्यादा बारिश हुई, जिसकी वजह से हालात खराब हुए। उन्होंने चेतावनी दी कि महाराष्ट्र की छवि खराब करने वालों के खिलाफ कार्रवाई होगी।

इससे पहले 6 जुलाई को मुख्यमंत्री ने आपातकालीन तैयारियों की समीक्षा की थी और लोगों को अनावश्यक यात्रा न करने की सलाह दी थी। राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण ने भी निजी दफ्तरों को वर्क फ्रॉम होम की सुविधा देने और गैर-जरूरी सरकारी दफ्तरों में आधे दिन की छुट्टी रखने के निर्देश दिए थे।