Mumbai में गर्मी और उमस ने किया बेहाल, 20 जून तक मानसून के सक्रिय होने की उम्मीद

Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान हैं। इस साल मानसून आने में काफी देरी हुई है, जिसकी वजह से यह जून पिछले दस सालों में शहर का सबसे सूखा महीना बन गया है। मौसम विभाग का मानना है कि भा

Maharashtra: मुंबई और आसपास के इलाकों में लोग भीषण गर्मी और उमस से परेशान हैं। इस साल मानसून आने में काफी देरी हुई है, जिसकी वजह से यह जून पिछले दस सालों में शहर का सबसे सूखा महीना बन गया है। मौसम विभाग का मानना है कि भारी बारिश का सिलसिला 18 से 20 जून के बीच शुरू हो सकता है।

IMD और स्काईमेट जैसी एजेंसियों के मुताबिक, मानसून की रफ्तार धीमी रही है। पहले उम्मीद थी कि मानसून 5-6 जून तक आ जाएगा, लेकिन यह अब तक पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। मुंबई में 15 जून के आसपास मानसून के पहुंचने की संभावना है, हालांकि शुरुआत में बहुत भारी बारिश नहीं होगी। असली असर 18-19 जून के बाद दिखना शुरू होगा और 20 जून तक महाराष्ट्र के कई हिस्सों में मानसून ज्यादा एक्टिव हो जाएगा।

गर्मी का हाल यह है कि 14 जून की रात मुंबई की सबसे गर्म रातों में से एक थी, जहां न्यूनतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस से ऊपर रहा। 15 जून को भी उमस काफी ज्यादा रही और लोगों को महसूस होने वाला तापमान 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। शहर की सात झीलों में पानी का स्तर भी चिंताजनक है, जो फिलहाल कुल क्षमता का केवल 10.72 प्रतिशत ही बचा है।

मौसम विभाग ने मुंबई, ठाणे और पालघर के लिए 15 और 16 जून को येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें हल्की बारिश और गरज-चमक की चेतावनी दी गई है। वहीं रायगढ़ और रत्नागिरी के लिए भारी बारिश का ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। BMC ने 15 जून को हाई टाइड की चेतावनी भी दी है, जिसमें दोपहर 12:14 बजे 4.8 मीटर और रात 11:59 बजे 4.11 मीटर का हाई टाइड रहने की उम्मीद है।

किसानों के लिए भी सलाह जारी की गई है। विदर्भ, मराठवाड़ा, खंडेश और मध्य महाराष्ट्र के किसानों को कहा गया है कि वे सिर्फ गरज-चमक की खबर सुनकर बुआई न करें, क्योंकि अभी तक व्यापक स्तर पर पर्याप्त बारिश नहीं हुई है। विशेषज्ञों का कहना है कि अरब सागर की कमजोर हवाओं और एल नीनो के प्रभाव के कारण मानसून की रफ्तार धीमी हुई है।