Mumbai में मानसून की दस्तक, IMD ने जारी किया Yellow Alert; पानी की किल्लत से लोग परेशान
Maharashtra: मुंबई में मानसून के आने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने 24 जून तक शहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। उम्मीद है कि 23 जून तक मानसून मुंबई
Maharashtra: मुंबई में मानसून के आने का इंतजार अब खत्म होने वाला है। मौसम विभाग (IMD) ने 24 जून तक शहर के लिए येलो अलर्ट जारी किया है, जिसमें बारिश, गरज-चमक और तेज हवाओं की संभावना है। उम्मीद है कि 23 जून तक मानसून मुंबई पहुंच जाएगा, जिससे भीषण गर्मी और उमस से राहत मिलेगी।
मौसम विभाग की वैज्ञानिक सुषमा नायर ने बताया कि 23 जून तक रुक-रुक कर होने वाली बारिश मानसून की शुरुआत के लिए सामान्य है। उन्होंने कहा कि स्थितियां अब अनुकूल हो रही हैं और दक्षिण-पश्चिम मानसून महाराष्ट्र के साथ-साथ तेलंगाना, ओडिशा, झारखंड, बिहार और छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों में भी आगे बढ़ेगा। रविवार सुबह मुंबई के वर्ली, घाटकोपर और लोअर परेल जैसे इलाकों में अच्छी बारिश हुई, जिससे रात के तापमान में 3 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई।
एक तरफ बारिश की उम्मीद है, तो दूसरी तरफ शहर में पानी की भारी किल्लत बनी हुई है। मुंबई की सात झीलों का जलस्तर बहुत कम है, जो जून के मध्य तक केवल 9 से 12 प्रतिशत के आसपास था। इस वजह से शहर के पास अब सिर्फ 40 दिनों के पीने के पानी का स्टॉक बचा है। मानसून की देरी का मुख्य कारण एल नीनो (El Niño) को माना जा रहा है, जिसने हवाओं के सामान्य पैटर्न को बिगाड़ दिया।
पानी की कमी को देखते हुए BMC और महाराष्ट्र सरकार ने कड़े कदम उठाए हैं। पीने के पानी की सप्लाई को प्राथमिकता देने के लिए कई पाबंदियां लगाई गई हैं:
- मुंबई में 15 मई से 10% पानी की कटौती लागू की गई है।
- इंडस्ट्रियल, कमर्शियल और स्पोर्ट्स सुविधाओं के लिए पानी की सप्लाई में 20% की और कटौती की गई है।
- कंस्ट्रक्शन साइट्स पर पानी के नए कनेक्शन बंद कर दिए गए हैं और पुराने कनेक्शन भी काट दिए गए हैं।
- स्विमिंग पूल में पानी की सप्लाई अस्थायी रूप से बंद कर दी गई है।
- गाड़ियां धोने, गार्डनिंग या सड़क सफाई के लिए पीने के पानी के इस्तेमाल पर रोक लगा दी गई है।
इसके अलावा, रेलवे और अन्य सरकारी संस्थानों को रिसाइकिल किए हुए पानी का उपयोग करने के निर्देश दिए गए हैं। पानी की इस किल्लत का असर अब आम जनता की जेब पर भी पड़ रहा है, क्योंकि शहर में वाटर टैंकरों की कीमतें काफी बढ़ गई हैं।