Maharashtra: मुंबई के Bandra Kurla Complex (BKC) में ट्रैफिक कम करने के लिए MMRDA और World Resources Institute India ने ‘Friday Public Transport Day’ की शुरुआत की। 12 जून 2026 को शुरू हुए इस पायलट प्रोजेक्ट क
Maharashtra: मुंबई के Bandra Kurla Complex (BKC) में ट्रैफिक कम करने के लिए MMRDA और World Resources Institute India ने ‘Friday Public Transport Day’ की शुरुआत की। 12 जून 2026 को शुरू हुए इस पायलट प्रोजेक्ट का मकसद लोगों को अपनी गाड़ियां छोड़कर बस, मेट्रो और लोकल ट्रेन का इस्तेमाल करने के लिए प्रेरित करना था। हालांकि, पहले ही दिन इस पहल को लोगों का खास साथ नहीं मिला और सड़कों पर निजी गाड़ियां वैसी ही नजर आईं।
क्यों नहीं चला यह प्रोजेक्ट और लोगों ने क्या कहा?
BKC में काम करने वाले प्रोफेशनल्स ने इस योजना को ‘लास्ट-माइल नाइटमेयर’ बताया है। लोगों का कहना है कि मेट्रो स्टेशन या बस स्टॉप से ऑफिस तक पहुंचने के लिए सही कनेक्टिविटी नहीं है, जिससे उन्हें परेशानी हुई। 12 जून की सुबह बांद्रा रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड पर भीड़ उतनी ही थी जितनी आम दिनों में होती है। मेट्रो में भी यात्रियों की संख्या में कोई खास बढ़ोत्तरी नहीं देखी गई।
क्या हैं इस योजना के नियम और MMRDA का प्लान?
यह प्रोजेक्ट पूरी तरह से स्वैच्छिक (Voluntary) है, यानी किसी पर कार न लाने का दबाव नहीं है। MMRDA ने शुक्रवार का दिन इसलिए चुना क्योंकि इस दिन ऑफिस के समय में थोड़ी लचीलापन रहता है। इस पहल को अगले तीन से चार महीने तक देखा जाएगा और हर हफ्ते कमियों को सुधारने की कोशिश होगी। मेट्रो, BEST बस और ऑटो-रिक्शा यूनियन इसमें सहयोग कर रहे हैं।
अधिकारियों और संस्थाओं की क्या राय है?
MMRDA के मेट्रोपॉलिटन कमिश्नर डॉ. संजय मुखर्जी ने कहा कि ऐसे छोटे बदलावों से धीरे-धीरे बड़े फायदे मिलते हैं। उन्होंने अपने स्टाफ को भी इसमें शामिल होने की अपील की है। WRI के प्रोग्राम मैनेजर वेदांत म्हात्रे ने इसे एक अच्छा कदम बताया है। भले ही शुरुआत धीमी रही, लेकिन MMRDA का मानना है कि कनेक्टिविटी की समस्याओं को जल्द सुलझा लिया जाएगा जिससे लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट अपनाएंगे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
क्या BKC में शुक्रवार को कार ले जाना मना है?
नहीं, यह कोई अनिवार्य प्रतिबंध नहीं है। MMRDA ने इसे स्वैच्छिक रखा है, जिसमें कर्मचारियों को बस, मेट्रो और लोकल ट्रेन जैसे पब्लिक ट्रांसपोर्ट इस्तेमाल करने के लिए प्रोत्साहित किया गया है।
लोग इस पहल से क्यों नाखुश हैं?
मुख्य कारण ‘लास्ट-माइल कनेक्टिविटी’ की कमी है। यात्रियों का कहना है कि मेट्रो स्टेशन या बस स्टॉप से उतरने के बाद अपने ऑफिस तक पहुंचने के लिए सही साधन उपलब्ध नहीं हैं।