Mumbai MMR में खुलेगा गाड़ियों का स्क्रैपिंग सेंटर, पुरानी कारों और कमर्शियल वाहनों से मिलेगी निजात

Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों (MMR) में अब पुरानी और खटारा गाड़ियों को ठिकाने लगाने के लिए एक आधुनिक रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) बनाई जाएगी। मुंबई के गार्जियन मिनिस्टर आशीष शेलार ने अधिकारियो

Maharashtra: मुंबई और उसके आसपास के इलाकों (MMR) में अब पुरानी और खटारा गाड़ियों को ठिकाने लगाने के लिए एक आधुनिक रजिस्टर्ड व्हीकल स्क्रैपिंग फैसिलिटी (RVSF) बनाई जाएगी। मुंबई के गार्जियन मिनिस्टर आशीष शेलार ने अधिकारियों को इस काम में तेजी लाने के निर्देश दिए हैं। इस सुविधा का मुख्य मकसद शहर में ट्रैफिक जाम को कम करना और पुरानी गाड़ियों का सही तरीके से निपटारा करना है।

सरकार इस सेंटर को पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (PPP) मॉडल पर करीब 5 एकड़ जमीन पर बनाने की योजना बना रही है। इसके लिए नगर निगम या राज्य सरकार की जमीन का इस्तेमाल किया जाएगा। फिलहाल मुंबई में करीब 53 लाख गाड़ियां रजिस्टर्ड हैं, लेकिन शहर में कोई अधिकृत स्क्रैपिंग सेंटर नहीं है, जबकि जलना, तलोजा और पालघर जैसे इलाकों में ऐसी सुविधाएं पहले से मौजूद हैं।

नेशनल व्हीकल स्क्रैपिंग पॉलिसी के तहत 20 साल से पुरानी प्राइवेट गाड़ियों और 15 साल से पुरानी कमर्शियल गाड़ियों को फिटनेस टेस्ट फेल होने पर स्क्रैप करना होगा। महाराष्ट्र के नियमों के मुताबिक, 15 साल पुराने पेट्रोल और CNG प्राइवेट वाहन और 10 साल पुराने डीजल प्राइवेट व कमर्शियल वाहनों का रजिस्ट्रेशन रिन्यू नहीं होगा।

पुरानी गाड़ियों को स्क्रैप कराने वालों को सरकार कई फायदे भी दे रही है। इसमें टैक्स में छूट, रजिस्ट्रेशन फीस की माफी और गाड़ी की एक्स-शोरूम कीमत का 4 से 6 प्रतिशत तक स्क्रैप वैल्यू मिलना शामिल है। बजट 2026-27 में सरकार ने BS-4 और उससे ऊपर के वाहनों के लिए मोटर व्हीकल टैक्स में 16 प्रतिशत और BS-3 या उससे पुराने वाहनों के लिए 30 प्रतिशत की छूट का प्रस्ताव रखा है।

दूसरी तरफ, प्रदूषण कम करने के लिए पुरानी गाड़ियों पर ग्रीन टैक्स बढ़ाने का भी फैसला लिया गया है। अब BS-4 और उससे नीचे के मानक वाली प्राइवेट गाड़ियों के लिए टैक्स दोगुना हो जाएगा। टू-व्हीलर के लिए यह 2,000 रुपये से बढ़कर 4,000 रुपये, पेट्रोल कारों के लिए 3,000 से 6,000 रुपये और डीजल कारों के लिए 3,500 से 7,000 रुपये होगा।

इस प्रोजेक्ट के लिए सरकार निजी कंपनियों से आवेदन मांगेगी और जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगी। टाटा मोटर्स और महिंद्रा सेरो जैसी कंपनियां पहले ही राज्य सरकार के साथ इस दिशा में हाथ मिला चुकी हैं, जिससे आने वाले समय में मुंबई की सड़कों पर पुरानी गाड़ियों की संख्या कम होगी और प्रदूषण में भी कमी आएगी।