Maharashtra: मुंबई की Mithi नदी को साफ करने के काम में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। BMC की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार नदी से निकली गाद (Silt) की जगह कंस्ट्रक्शन का मलबा दिखाकर नगर नि
Maharashtra: मुंबई की Mithi नदी को साफ करने के काम में बड़े फर्जीवाड़े का मामला सामने आया है। BMC की स्टैंडिंग कमेटी के सदस्यों ने आरोप लगाया है कि ठेकेदार नदी से निकली गाद (Silt) की जगह कंस्ट्रक्शन का मलबा दिखाकर नगर निगम से पैसे ऐंठ रहे हैं। यह पूरा मामला 29 करोड़ रुपये के प्रोजेक्ट से जुड़ा है, जिससे जनता के पैसों के दुरुपयोग की बात कही जा रही है।
क्या है पूरा मामला और कैसे हुआ फर्जीवाड़ा
NCP पार्षद डॉ. सईदा खान ने सबूत के तौर पर फोटो और वीडियो पेश किए हैं। उन्होंने बताया कि ठेकेदार कुर्ला और BKC के बीच नदी के किनारे निर्माण कार्य का मलबा डाल रहे हैं और ऊपर से गाद की परत चढ़ा रहे हैं। इसके बाद इस मलबे को तौला जाता है और BMC से भुगतान लिया जाता है। इस तरह गाद की मात्रा बढ़ाकर फर्जी तरीके से पैसे निकाले जा रहे हैं। स्टैंडिंग कमेटी के चेयरमैन प्रभाकर शिंदे ने इस मामले की जांच के आदेश दिए हैं।
सफाई का काम कितना पूरा हुआ और क्या हैं चुनौतियां
नदी की सफाई की रफ्तार बेहद धीमी है। 27 अप्रैल 2026 तक केवल 26.32% काम ही पूरा हो पाया है, जो तय लक्ष्य से काफी कम है। हालांकि, म्युनिसिपल कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने कहा है कि मानसून शुरू होने से पहले सफाई का काम पूरा कर लिया जाएगा। प्रशासन को अब हर हफ्ते काम की प्रोग्रेस रिपोर्ट देनी होगी ताकि पारदर्शिता बनी रहे।
पुराने घोटालों और जांच का कनेक्शन
Mithi नदी की सफाई हमेशा विवादों में रही है। 2017 से 2023 के बीच करीब 65.54 करोड़ रुपये के घोटाले की जांच EOW और ED कर रही है। इस वजह से मार्च 2026 में कई ठेकेदारों ने टेंडर भरने से मना कर दिया था। वर्तमान में M/s Prashant Lad और Tulja Bhavani Constructions को काम सौंपा गया है। कांग्रेस पार्षद अशरफ अजमी ने पहले ही ठेकेदारों की काबिलियत और मशीनरी पर सवाल उठाए थे।
Frequently Asked Questions (FAQs)
Mithi नदी की सफाई के प्रोजेक्ट की कुल लागत कितनी है?
इस प्रोजेक्ट के लिए BMC की स्टैंडिंग कमेटी ने लगभग 29.66 करोड़ रुपये के कॉन्ट्रैक्ट को मंजूरी दी है।
सफाई के काम में अब तक कितनी प्रगति हुई है?
27 अप्रैल 2026 तक केवल 26.32% काम पूरा हुआ है, जो कि निर्धारित लक्ष्य से काफी पीछे है।