Maharashtra: मुंबई मेट्रो वन के वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर कॉरिडोर पर गुरुवार को यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रैक के रखरखाव के बाद ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी गई, जिससे स्टेशनों पर भारी भीड़ जमा हो गई और ट
Maharashtra: मुंबई मेट्रो वन के वर्सोवा-अंधेरी-घाटकोपर कॉरिडोर पर गुरुवार को यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रैक के रखरखाव के बाद ट्रेनों की रफ्तार कम कर दी गई, जिससे स्टेशनों पर भारी भीड़ जमा हो गई और ट्रेनों के आने-जाने में देरी हुई। सुबह के समय ऑफिस जाने वाले लोग काफी समय तक प्लेटफॉर्म पर फंसे रहे।
ट्रेनों की रफ्तार क्यों कम की गई?
मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (MMOPL) ने बताया कि रात के समय रेल ग्राइंडिंग का काम किया गया था। बेंगलुरु मेट्रो के सहयोग से ट्रैक की क्वालिटी सुधारने और सुरक्षा बढ़ाने के लिए यह काम किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, रखरखाव के बाद सुरक्षा नियमों के तहत अस्थायी तौर पर स्पीड लिमिट कम रखना जरूरी होता है ताकि ट्रैक की मजबूती बनी रहे और यात्री सुरक्षित रहें।
यात्रियों को किन समस्याओं का सामना करना पड़ा?
स्पीड लिमिट कम होने की वजह से ट्रेनें समय पर नहीं पहुंचीं, जिससे कई ट्रेनें एक साथ एक ही जगह जमा हो गईं। इस वजह से पीक ऑवर्स के दौरान स्टेशनों पर बहुत ज्यादा भीड़ हो गई। यात्रियों ने शिकायत की कि उन्हें समय पर कोई जानकारी नहीं दी गई। सुबह 8 बजे से दिक्कतें शुरू हो गई थीं, लेकिन प्रशासन ने सुबह 10 बजे के करीब X (ट्विटर) पर जानकारी साझा की।
MMOPL ने क्या सफाई दी?
MMOPL ने अपने आधिकारिक बयान में कहा कि यह एक स्टैंडर्ड सेफ्टी प्रोटोकॉल है। उन्होंने स्पष्ट किया कि ट्रैक के बेहतर प्रदर्शन के लिए यह जरूरी कदम था। कंपनी ने माना कि इस वजह से कुछ मामूली देरी हुई, लेकिन यह यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए किया गया एक प्रोएक्टिव कदम था।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई मेट्रो वन में देरी का मुख्य कारण क्या था?
रात में रेल ग्राइंडिंग का रखरखाव कार्य किया गया था, जिसके बाद सुरक्षा प्रोटोकॉल के तहत ट्रेनों की रफ्तार अस्थायी रूप से कम कर दी गई थी।
मेट्रो के कौन से रूट पर असर पड़ा?
इसका असर लाइन 1 पर पड़ा, जो वर्सोवा, अंधेरी और घाटकोपर को आपस में जोड़ती है।