Maharashtra: मुंबई मेट्रो लाइन 1 (वर्सोवा-घाटकोपर) पर गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को सुबह के समय यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रैक मेंटेनेंस के काम की वजह से मेट्रो की रफ्तार कम रही, जिससे पीक ऑवर्स के दौर
Maharashtra: मुंबई मेट्रो लाइन 1 (वर्सोवा-घाटकोपर) पर गुरुवार, 30 अप्रैल 2026 को सुबह के समय यात्रियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ा। ट्रैक मेंटेनेंस के काम की वजह से मेट्रो की रफ्तार कम रही, जिससे पीक ऑवर्स के दौरान स्टेशनों पर भारी भीड़ जमा हो गई। यात्रियों को ट्रेन मिलने में देरी हुई और कई लोगों को दूसरे रास्तों से जाना पड़ा।
मेट्रो में देरी क्यों हुई और क्या था कारण
मुंबई मेट्रो वन प्राइवेट लिमिटेड (MMOPL) ने बताया कि ट्रैक की क्वालिटी और यात्रियों की सुरक्षा बढ़ाने के लिए ‘रेल ग्राइंडिंग’ का काम किया गया था। यह काम बेंगलुरु मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड के सहयोग से रात के समय किया गया था। सुरक्षा नियमों के तहत काम के बाद ट्रेनों की रफ्तार सीमित रखी गई, जिसकी वजह से सेवाएं धीमी रहीं।
यात्रियों पर क्या असर पड़ा और क्या रही शिकायतें
सुबह के समय घाटकोपर जैसे स्टेशनों पर बहुत ज्यादा भीड़ हो गई। यात्रियों ने बताया कि प्लेटफॉर्म पर भगदड़ जैसी स्थिति बन गई थी और गर्मी व भीड़ की वजह से सांस लेने में भी दिक्कत आ रही थी। लोगों ने प्रशासन की इस बात के लिए आलोचना की कि देरी की जानकारी समय पर नहीं दी गई। मेट्रो प्रशासन ने सुबह 10:21 बजे X (ट्विटर) पर इसकी जानकारी साझा की, जबकि परेशानी सुबह से ही शुरू हो गई थी।
क्षमता बढ़ाने की मांग और राजनीतिक प्रतिक्रिया
इस घटना के बाद मेट्रो की क्षमता को लेकर पुराने विवाद फिर उभर आए हैं। कांग्रेस सांसद वर्षा गायकवाड़ ने इस मुद्दे पर चिंता जताई और मेट्रो रेक की संख्या बढ़ाने के प्रस्ताव पर जोर दिया। वर्तमान में लाइन 1 पर चार कोच वाली ट्रेनें चल रही हैं, जबकि भारी भीड़ को देखते हुए लंबे समय से इसे छह कोच में बदलने की मांग की जा रही है।
Frequently Asked Questions (FAQs)
मुंबई मेट्रो लाइन 1 में देरी का मुख्य कारण क्या था?
मेट्रो ट्रैक की क्वालिटी सुधारने के लिए ‘रेल ग्राइंडिंग’ का काम किया गया था। सुरक्षा प्रोटोकॉल के कारण ट्रेनों की रफ्तार कम रखी गई, जिससे वर्सोवा और घाटकोपर के बीच सेवाएं प्रभावित हुईं।
यात्रियों ने प्रशासन के खिलाफ क्या शिकायत की?
यात्रियों का कहना था कि देरी की जानकारी बहुत देर से दी गई। सुबह से परेशानी शुरू होने के बावजूद मेट्रो प्रशासन ने सुबह 10 बजे के करीब अपडेट जारी किया।